सुवेंदु अधिकारी (फाइल)
- फोटो : ट्विटर/सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी ने लगाया था ये आरोप
दरअसल, अधिकारी सोमवार को पार्टी विधायकों के साथ विद्युत भवन गए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले कुछ दिनों में बिजली की भारी मांग को पूरा करने अमसर्थ राज्य सरकार ने लोड कम करके कमी को मैनेज किया, जिससे गर्मी के बीच लंबे समय तक कटौती हुई।
प्राकृतिक आपदाओं पर नियंत्रण हमारे हाथ में नहीं..
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बिस्वास ने कहा, 'हमारे पास मांग से ज्यादा बिजली है, इसलिए लोड शेडिंग नहीं है। हाल ही में तूफानों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण वितरण नेटवर्क को नुकसान हुआ, जिसकी वजह से बिजली कटौती हुई, जो हमारे नियंत्रण में नहीं हैं। एक अन्य वजह उपभोक्ताओं द्वारा असीमित बिजली का उपयोग करना है।'
सरकार ने बढ़ाई प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन डिस्ट्रीब्यूशन की क्षमता..
उन्होंने कहा कि सबस्टेशनों को जोड़ने वाले कई बिजली टावर एक के बाद एक तूफान में क्षतिग्रस्त हो गए और उन्हें बहाल करने में 24 घंटे से अधिक का समय लगता है। बिस्वास ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली क्षेत्र में 2011 से 27,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, उत्पादन (प्रोडक्शन), पारेषण (ट्रांसमिशन) और वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) क्षमता विकसित की है।
थर्मल पावर प्लांट (सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
तथ्यों और आंकड़ों के साथ करें सरकार की आलोचना: बिस्वास
उन्होंने कहा कि 2011 के बाद से 12,50 मेगावाट की नई क्षमता बनाई गई है, और अधिक परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं जिनमें थर्मल, सौर और जल विद्युत क्षमताओं में वृद्धि शामिल है। उन्होंने कहा कि कुल बिजली क्षमता को मौजूदा 9,521 मेगावाट से बढ़ाकर 13,689 मेगावाट करने के लिए निवेश किया जा रहा है। बिस्वास ने कहा कि विपक्ष को तथ्यों और आंकड़ों के साथ सरकार की आलोचना करनी चाहिए।
'सर्वाधिक दरों का भुगतान कर रहे पश्चिम बंगाल के लोग'
विद्युत भवन के अपने दौरे के दौरान अधिकारी ने आरोप लगाया था कि 'दिवालिया' पश्चिम बंगाल न तो कोयला खरीदकर उत्पादन बढ़ाने की स्थिति में है और न ही राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली खरीद सकता है क्योंकि उसके पास धन नहीं है। हकीकत में राज्य सरकार ने पिछले एक दशक में बढ़ती मांग के अनुसार पश्चिम बंगाल की बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी। केवल टैरिफ में वृद्धि की जाती रही। पश्चिम बंगाल के लोग पूरे देश में बिजली के लिए सबसे अधिक दरों का भुगतान कर रहे हैं।