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Porsche Crash: आरोपी किशोर की मां जेल से बाहर आई, सुप्रीम कोर्ट ने चार दिन पहले दी थी अंतरिम जमानत

Sat, 26 Apr 2025 01:01 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

किशोर की मां पर आरोप है कि उन्होंने दुर्घटना के समय अपने बेटे के नशे में होने की बात छिपाने के लिए उसके रक्त के नमूने की जगह अपने रक्त का नमूना दे दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मां को अंतरिम जमानत देते हुए पुणे की एक अदालत को जमानत की शर्तें तय करने का निर्देश दिया था।
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पुणे पोर्श मामला - फोटो : PTI
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विस्तार
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पुणे पोर्श कार हादसे में आरोपी किशोर की मां शनिवार को जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आ गई। चार दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत को मंजूरी दी थी। साथ ही पुणे की अदालत को जमानत की शर्तें तय करने के निर्देश दिए थे। पोर्श केस में रक्त नमूने की अदला-बदली मामले में गिरफ्तार 10 आरोपियों में से जमानत पर रिहा होने वाली पहली महिला हैं।
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किशोर की मां पर आरोप है कि उन्होंने दुर्घटना के समय अपने बेटे के नशे में होने की बात छिपाने के लिए उसके रक्त के नमूने की जगह अपने रक्त का नमूना दे दिया था। रक्त के नमूनों की अदला-बदली के लिए तीन लाख रुपये में डील कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मां को अंतरिम जमानत देते हुए पुणे की एक अदालत को जमानत की शर्तें तय करने का निर्देश दिया था।

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शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। सरकारी वकील शिशिर हिरय ने कहा कि हमने पुणे जिले में रहने से रोकने, पासपोर्ट जब्त करने, पुलिस स्टेशन में अनिवार्य उपस्थिति और हर समय उनका मोबाइल लोकेशन चालू रखने जैसी शर्तें मांगी थीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमोल शिंदे ने पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्हें पुणे में रहने पर प्रतिबंधित लगाने की मांग की गई थी।

आरोपी के वकीलों ने पुणे से बाहर रहने की शर्त का विरोध किया, जिसमें उनके पति की हिरासत और कानूनी कार्यवाही में सहायता के लिए शहर में उनकी उपस्थिति जरूरत बताई गई। उन्होंने प्रस्तावित 5 लाख रुपये की जमानत और रोजाना पुलिस स्टेशन जाने पर भी आपत्ति जताई। वकील ने कहा कि हमने तर्क दिया कि चूंकि आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और उससे कोई वसूली लंबित नहीं है, इसलिए ऐसी सख्त शर्तें अनुचित हैं।

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इस पर अदालत ने कई जमानत शर्तें लगाईं, जिनमें एक लाख रुपये का निजी मुचलका, जांच अधिकारी को पासपोर्ट जमा कराना, मोबाइल टावर लोकेशन अनिवार्य रूप से साझा करना और अदालत की अनुमति के बिना भारत छोड़ने पर प्रतिबंध शामिल है। साथ ही अदालत ने महिला पर तीन महीने तक अपनी पहचान उजागर करने पर भी रोक लगा दी है तथा उसे हर बुधवार को पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने को कहा है।

पिछले साल कल्याणी नगर में हुई थी घटना 
बता दें कि 19 मई  2024 को पुणे के कल्याणी नगर में पोर्श कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार दो आईटी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। दोनों मृतकों की पहचान अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा के रूप में हुई थी। आरोप है कि पोर्श कार को 17 वर्षीय किशोर चला रहा था, जो घटना के वक्त नशे में था। 

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