अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के केंद्र में अभी से ‘अयोध्या’ है। यह कुछ राजनीतिक दलों के लिए प्रमुख फैक्टर है तो किसी के लिए प्रयोगशाला। कोई पार्टी ब्राह्मणों को यहीं से रिझाने की कोशिश कर रहा है तो कोई मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए यहां पड़ाव डाल रहा है। दरअसल इस धार्मिक शहर में किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम का न केवल अयोध्या में, बल्कि पूर्वांचल और राज्य के अन्य हिस्सों में भी असर होता है, इसलिए सभी पार्टियां इस नगरी से अपने मतदाताओं को साधने की कोशिश में है।
पहले सिलसिलेवार समझिए कि कैसे सभी पार्टियों और घटनाओं के मुख्य फोकस में अभी अयोध्या है।
.चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन नवंबर को अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।
.उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से ही चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। अयोध्या से बीजेपी विधायक वेद प्रकाश गुप्ता योगी के लिए अपनी सीट छोड़ने को तैयार हैं।