कैराना सहित पूरे देश में चार संसदीय सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव संपन्न हो गए हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश के कैराना के अलावा महाराष्ट्र में भंडारा-गोंडिया और पालघर तथा नगालैंड संसदीय सीट पर मतदान संपन्न हुआ। बता दें कि कैराना सीट पर संपूर्ण विपक्ष के एकसाथ आ जाने से मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने इस सीट को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वोटों की गिनती 31 मई को होगी।
वहीं महाराष्ट्र में सभी बड़े दलों भाजपा, कांग्रेस, शिव सेना और एनसीपी ने लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सभी संसाधन झोंक दिए हैं, क्योंकि इनके परिणाम पर ही सबका भविष्य तय होगा। वहीं विधानसभा उपचुनाव महाराष्ट्र के पालस कडेगांव, यूपी के नूरपुर, बिहार के जोकीहाट, झारखंड के गोमिया और सिल्ली, केरल के चेंगानूर, मेघालय के आमपट्टी, पंजाब के शाहकोट, उत्तराखंड के थराली और पश्चिम बंगाल के महेशतला में हुए।
भीषण गर्मी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की खराबी का कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव पर खासा असर पड़ा। करीब 200 स्थानों पर वोटिंग मशीन खराब होने की शिकायतें मिलीं जिससे मतदान देर से शुरू हुआ। सहारनपुर के काजीपुरा और शुक्रताल में शाम तक मतदान शुरू नहीं हो सका। इससे भाजपा विरोधी गठबंधन के नेताओं ने सोशल मीडिया से लेकर आयोग तक विरोध जताया। वहीं कैराना के भूरा गांव में मतदाता की पहचान पर हुए विवाद के बाद ग्रामीणों ने बवाल कर दिया।
मतदान अधिकारी नीटू कुमार से मारपीट की और पुलिस ने लाठियां फटकारी तो लोगों ने पथराव कर दिया। वाहनों में तोड़फोड़ की गई। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाई और पथराव करने वालों को खदेड़ा। कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शाम पांच बजे तक लोकसभा क्षेत्र में 49.16 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में शाम पांच बजे तक 57.31 फीसदी वोटिंग हुई।वहीं पुलिस ने बिना चुनाव आयोग की परमिशन के घूम रहे सपा के पूर्व सांसद यशवीर सिंह को हिरासत में लिया है और उनकी गाड़ी भी जब्त कर ली।
पश्चिम बंगाल में 60 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े
उपचुनाव
कोलकाता (ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24-परगना जिले की महेशतला विधानसीट पर हुए उपचुनाव में 70 फीसदी से ज्यादा मतदान की खबर है। यहां सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ। तृणमूल कांग्रेस विधायक कस्तूरी दास के निधन की वजह से इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। यहां तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वाममोर्चा के बीच तिकानो मुकाबला है।
तृणमूल कांग्रेस ने यहां कस्तूरी के पति दुलाल दास को मैदान में उतारा है जबकि भाजपा ने सीबीआई के पूर्व संयुक्त निदेशक सुजीत घोष को। वाममोर्चा की ओर से स्थानीय नेता प्रभात चौधरी मैदान में हैं। उनको कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफताब ने बताया कि उपचुनाव के लिए केंद्रीय बलों की 10 कंपनियों को तैनात किया गया था।
महाराष्ट्र उपचुनाव : पालघर में 46.50 और भंडारा-गोंदिया में 38.65 फीसदी मतदान
सोमवार को महाराष्ट्र के पालघर और भंडारा-गोंदिया लोकसभा में उपचुनाव समाप्त हो गया। पालघर में 46.50 प्रतिशत और भंडारा-गोंदिया में 38.65 फीसदी मतदान हुआ। उपचुनाव में कुल 4500 ईवीएम और वीवीपीएटी लगाई गई थीं, जिसमें से 10 फीसदी यानि करीब 450 वीवीपीएटी में खराबी आई। वीवीपीएटी और ईवीएम में गड़बड़ी के चलते विपक्ष ने दिनभर बवाल मचाया। इन स्थानों पर विपक्ष ने पुन: मतदान की मांग की।
राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक पालघर और भंडारा-गोंदिया में वीवीपीएटी की खराबी की शिकायतें मिली लेकिन, ज्यादातर वीवीपीएटी खराबी की शिकायत भंडारा-गोंदिया में रही। विपक्ष ने सभी 450 केंद्रों पर पुन: चुनाव कराने की मांग की। जिसे नामंजूर कर दिया गया। पालघर के जिलाधिकारी प्रशांत नारनवरे ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 15 प्रतिशत ईवीएम रिजर्व रखे गए थे। इस दौरान चुनाव आयोग ने ईवीएम की दुरुस्ती के लिए 96 इंजीनियरों को तैनात किया था। जहां भी ईवीएम या वीवीपीएटी में खराबी की शिकायत मिली उसे जल्द दूर किया गया और कई जगह मशीनें बदल दी गईं। हालांकि जिलाधिकारी ने स्वीकार किया कि 10 प्रतिशत ईवीएम में खराबी की शिकायतें मिली थीं।
गुजरात से ईवीएम-वीवीपीएटी मंगाने पर विपक्ष ने भाजपा को घेरा
वीवीपीएटी
पालघर और भंडारा-गोंदिया में ईवीएम और वीवीपीएटी में खराबी पर विपक्ष ने भाजपा की खिंचाई की। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने सूरत और बडोदा से वीवीपीएटी मंगाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब राज्य में ईवीएम और वीवीपीएटी पर्याप्त संख्या में हैं तो फिर सूरत और बड़ौदा से क्यों मंगाई गई। बहुजन विकास आघाड़ी के हितेंद्र ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रही हैं। वहीं, शिवसेना सचिव अनिल देसाई ने ईवीएम में खराबी पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में ईवीएम में खराबी चुनाव आयोग की असफलता है।
उत्तराखंड थराली विधानसभा उपचुनाव सीट के लिए 53.43 प्रतिशत मतदान
थराली विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। कुल 53.43 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पिछले वर्ष 2017 संपन्न विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान प्रतिशत में 4.61 की कमी आई है। तब कुल 58.04 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
उपचुनाव के तहत विधानसभा क्षेत्र के सभी 178 बूथों पर सोमवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। इस दौरान हाटकल्याणी और सरपाणी मतदान केंद्र पर ईवीएम में कुछ तकनीकी दिक्कत आने से मतदान प्रक्रिया आंशिक रूप से प्रभावित हुई, लेकिन कुछ देर बार यहां नई मशीनें भिजवा दी गईं।
भाजपा प्रत्याशी मुन्नी देवी शाह ने सुबह आठ बजे नलगांव बूथ पर अपना वोट डाला, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी डा. जीतराम ने कुलसारी के राजकीय जूनियर हाईस्कूल रेई पोलिंग बूथ पर मतदान किया। उक्रांद प्रत्याशी कस्बीलाल शाह ने नारायणबगड़ के कंडवाल गांव बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्दलीय प्रत्याशी बीरीराम ने जबरकोट में मतदान किया। इस दौरान आईटीबीपी, पीएसी, पुलिस कर्मी सहित अन्य सुरक्षा कर्मी सुरक्षा में तैनात रहे।