देश के सबसे बड़े राजनीतिक कुनबे में बीते कुछ दिन से वर्चस्व की लड़ाई सामने आ रही थी। इसके बाद निर्वाद रूप से पार्टी और परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने हस्तक्षेप करते हुए शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस की और बताया कि परिवार में कोई मतभेद नहीं है।।
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दरअसल, यूपी में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव में बीते कई महीने से मतभेद की बात सामने आ रही थी। धीरे-धीर चल रही यह नूराकुश्ती बीते सोमवार को तब बढ़ गई, जब अखिलेश ने दो कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापती और राजकिशोर सिंह को पद से हटा दिया। यही नहीं इसके एक दिन बाद मुख्य सचिव दीपक सिंघल को भी पद से हटा दिया गया। ये तीनों ही शिवपाल यादव के करीबी बताए जाते रहे हैं।
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इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने कार्रवाई करते हुए अखिलेश को यूपी अध्यक्ष पद से हटाते हुए यह जिम्मेदारी शिवपाल को सौंप दी। इसके बाद अखिलेश ने शिवपाल से कई मंत्रालय वापस ले लिए। यहीं से दोनों के बीच मतभेद सतह पर आ गया था।
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परिवार में मचे इस घमासान के बीच आइए जानते हैं मुलायम सिंह यादव परिवार को क्यों यूपी का सबसे बड़ा राजनीतिक कुनबा कहा जाता है।
मुलायम, अखिलेश और डिंपल
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
मुलायम सिंह यादव- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
22 नवंबर 1939 को जन्मे मुलायम सिंह यादव ने परिवार में राजनीति की नींव रखी। पांच भाइयों में तीसरे नंबर के मुलायम की दो शादी हुई है। पहली पत्नी मालती देवी की मौत के बाद उन्होंने सुमन गुप्ता से शादी की। मालती देवी के बेटे अखिलेश यादव हैं और सुमन के बेटे प्रतीक यादव हैं। मुलायम सिंह यादव वर्तमान समय में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
अखिलेश यादव- यूपी के मुख्यमंत्री
मुलायम सिंह यादव के बड़े बेटे अखिलेश यादव साल 2012 में यूपी के मुख्यमंत्री बने। ऑस्ट्रेलिया से मास्टर डिग्री लेने के बाद अखिलेश घर लौट आए और समाजवादी पार्टी की राजनीति शुरू कर दी। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह सपा के प्रदेश अध्यक्ष थे।
डिंपल यादव- सांसद
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी हैं। वह कन्नौज से सांसद हैं। 24 नवंबर 1999 में अखिलेश से उनकी शादी हुई थी।
शिवपाल, सरला और आदित्य यादव
शिवपाल यादव
- फोटो : amar ujala
शिवपाल यादव- कैबिनेट मंत्री
शिवपाल सिंह यादव, मुलायम के पांच भाइयों में सबसे छोटे हैं। कई लोग मुलायम को राम तो शिवपाल को हनुमान की तरह देखते हैं। समाजवादी पार्टी को खड़ा करने में मुलायम के साथ शिवपाल का भी बड़ा योगदान माना जात है।
सरला यादव- वह शिवपाल यादव की पत्नी हैं और दो बार सहाकारी बैंक की राज्य प्रतिनिधि रह चुकी हैं।
आदित्य यादव ‘अंकुर’- उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन (यूपीपीसीएफ) के अध्यक्ष
वह शिवपाल यादव के बेटे हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन (यूपीपीसीएफ) के अध्यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें परिवार की पारंपरिक सीट जसवंतनगर से विधानसभा भेजने की भी तैयारी पूरी है।
रामगोपाल यादव और अक्षय यादव
रामगोपाल यादव
- फोटो : amar ujala
रामगोपाल यादव- सांसद
वह मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं। वह वर्तमान में यूपी से राज्यसभा सांसद हैं। पेशे से अध्यापक रामगोपाल को पार्टी का चाणक्य कहा जाता है।
अक्षय यादव- सांसद
वह मुलायम सिंह के भाई और राज्यसभा साांसद रामगोपाल यादव के बेटे हैं। वह इस समय फिरोजाबाद से सांसद हैं।
धर्मेंद्र, प्रेमलता और तेज प्रताप यादव
धर्मेंद्र यादव
धर्मेंद्र यादव- सांसद
वह मुलायम सिंह के बड़े भाई अभय राम के बेटे हैं। वर्तमान में वह बदायूं से सांसद हैं। इलाहाबाद में पढ़ाई के दौरान समाजवादी नेता जनेश्वकर मिश्र के सानिध्यन में उन्हों ने छात्र राजनीति की।
प्रेमलता यादव-राजपाल यादव की पत्नी
वह मुलायम सिंह के छोटे भाई राजपाल यादव की पत्नी हैं। वहपहली बार 2005 में इटावा की जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। प्रेमलता के पति राजपाल यादव इटावा वेयर हाउस में नौकरी करते थे और अब रिटायर हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद से ही वह समाजवादी पार्टी में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।
तेज प्रताप यादव - सांसद
इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट साइंस में एमएससी करके लौटे तेज प्रताप सिंह मैनपुरी से सांसद हैं। वह मुलायम के बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह के बेटे हैं। इसके साथ ही वह लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं।
अपर्णा बिष्ट यादव मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। कई सालों से सोशल वर्क से जुड़ी रही हैं। उन्हें लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
अंशुल यादव- जिला पंचायत अध्यक्ष
अंशुल यादव मुलायम सिंह यादव के भतीजे हैं। वह राजपाल और प्रेमलता के बेटे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में अंशुल ने जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले ताखा ब्लॉक में अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव के चुनाव प्रचार की कमान संभाली।