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IND vs PAK: भारत बनाम पाकिस्तान मैच से पहले सियासी दंगल; AIMIM ने मुकाबले पर उठाए सवाल तो भाजपा ने किया पलटवार

Fri, 12 Sep 2025 02:12 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह मैच खेलना उचित नहीं होगा। भारत को इस मैच का बहिष्कार करना चाहिए। मैं मैच नहीं देखूंगा। इस पर महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय राजनीतिक गतिरोध से तय नहीं किया जा सकता।
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एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान और महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार। - फोटो : ANI
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विस्तार
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एशिया कप में 14 सितंबर को होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले से पहले सियासी दंगल शुरू हो गया है। एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने सवाल उठाते हुए मैच का बहिष्कार करने की अपील की है। वहीं शिवसेना यूबीटी ने भी क्रिकेट मुकाबले का विरोध किया है। इस पर भाजपा ने पलटवार किया है।
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह मैच खेलना उचित नहीं होगा। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों का समर्थन करता है और हमारे देश ने इसका सामना किया है। हमने 26/11, पुलवामा, पहलगाम जैसी घटनाएं देखीं, जहां आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लोगों की हत्या की और हमारी बहनों के सिंदूर मिटा दिए। 

उन्होंने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के रूप में जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान के भीतर हमले किए। भारत के प्रतिनिधिमंडल ने दुनिया भर में यह प्रचार किया कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता है और उसे एफएटीएफ में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। अब बीसीसीआई पैसे के लालच में इस मैच को आगे बढ़ा रहा है।
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एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान साथ व्यापार और पानी की आपूर्ति रोक दी है। उनकी मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है, फिर हमारा देश उनकी टीम के खिलाफ क्यों खेल रहा है? हम पहलगाम के पीड़ितों को क्या जवाब देंगे? भारत को इस मैच का बहिष्कार करना चाहिए। मैं मैच नहीं देखूंगा।

इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि मैच खेलने का फैसला देशद्रोह और बेशर्मी का काम है। शिवसेना (यूबीटी) की महिला शाखा सिंदूर रक्षा अभियान शुरू करेगी। इस विरोध अभियान जिसके तहत महिलाएं अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरेंगी।

भाजपा का पलटवार
एशिया कप के क्रिकेट मैच को लेकर हो रहे विरोध पर भाजपा ने पलटवार किया है। महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय राजनीतिक गतिरोध से तय नहीं किया जा सकता। हमारा रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी। हम अपनी टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने या भाग लेने से नहीं रोक सकते। यह कैसा रुख है?

शेलार ने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद को एक बार शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे के आवास पर आमंत्रित किया गया था। जो लोग अब भारत की भागीदारी का विरोध कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि बालासाहेब ने अपने घर पर मियांदाद की मेजबानी की थी।

भाजपा मंत्री ने एक कथित वीडियो की भी निंदा की जिसमें कुछ लोग मुगल शासक औरंगजेब के पोस्टर पर दूध चढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम न केवल ऐसे कृत्यों की निंदा करेंगे, बल्कि उनका विरोध भी करेंगे। शिवसेना (यूबीटी) और उसके सहयोगी दल कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक समीकरणों के कारण चुनिंदा चुप्पी साधे हुए हैं। वे छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर एक मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने के खिलाफ मुखर हैं, लेकिन औरंगजेब के महिमामंडन के बारे में चुप हैं।

बीएमसी चुनावों पर शेलार ने कहा कि भाजपा, सहयोगी शिवसेना और राकांपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी और महापौर की नियुक्ति करेगी। हम एकजुट होकर लड़ेंगे और जीतेंगे।

उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की अटकलों पर शेलार ने कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री अजित पवार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने हमें लोकसभा और राज्यसभा में उनकी वास्तविक संख्या से अधिक वोट दिलाने में मदद की। मैं इस पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। शेलार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ लगाए गए हितों के टकराव के आरोपों को भी खारिज कर दिया। 

शेलार ने कहा कि गडकरी और उनके परिवार के निजी या सार्वजनिक जीवन पर एक भी धब्बा नहीं है। जिन लोगों के व्यावसायिक हित प्रभावित होते हैं, वे ऐसे नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। मुझे पूरा संदेह है कि इसके पीछे शहरी नक्सलियों का हाथ है।
भाजपा सरकार जनहित में लिए गए निर्णयों से कभी पीछे नहीं हटेगी, जिसमें पर्यावरण अनुकूल इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देना भी शामिल है। देश पर्यावरण अनुकूल ईंधन की नीति का समर्थन करता है। गरीब लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इसका समर्थन किया है।
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