प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बड़ा एलान करते हुए देशवासियों को चौंका दिया। पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए आंदोलन कर रहे किसानों से घर वापस लौटने की अपील की। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए बीते डेढ़ साल से कुछ किसान संगठन विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर किसान संगठन लंबे समय से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। केंद्र सरकार ने इसको लेकर कई बार किसान संगठनों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन हर बार वार्ता बेनतीजा रहीं।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर सियासी दलों के नेता अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर तंज कसा। राहुल गांधी ने ट्वीट किया , "देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो!"
प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर निशाना
पीएम मोदी के कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तंज कसा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार दिखने लगी तो समझ आई सच्चाई। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दीं। प्रियंका ने ट्वीट किया, "600 से अधिक किसानों की शहादत,350 से अधिक दिन का संघर्ष, @narendramodiजी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी। आपकी पार्टी के नेताओं ने किसानों का अपमान करते हुए उन्हें आतंकवादी, देशद्रोही, गुंडे, उपद्रवी कहा, आपने खुद आंदोलनजीवी बोला।..उनपर लाठियां बरसाईं, उन्हें गिरफ्तार किया।
टूटा अभिमान, जीता किसान- कांग्रेस
अब चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगीकि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है और कोई सरकार किसानों के हित को कुचलकर इस देश को नहीं चला सकती। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का ष्ड्यंत्र टूटा तो किसान जीता। कांग्रेस ने किसानों की मौत के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस नेता संसद में उठाएंगे यह मुद्दा
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह किसानों की जीत है, जो इतने दिनों से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हो गई, किसानों की मुश्किलों की जिम्मेदारी कौन लेगा? इसके लिए केंद्र दोषी है। हम इन मुद्दों को संसद में उठाएंगे। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि काला कानून वापस लेना सही दिशा में उठाया गया कदम है।
किसान आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा- टिकैत
कृषि कानून की वापसी पर किसान नेता और आंदोलन के अगुआ राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा। संसद में कानून वापस होने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। टिकैत ने कहा कि सरकार एमएसपी के मुद्दे पर भी बात करें। इसके साथ ही किसानों से अन्य मुद्दों पर भी बात करने की जरूरत है। वहीं, कुछ किसान संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
हर किसानों की हार्दिक बधाई- ममता बनर्जी
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकार के इस फैसले पर ट्वीट किया। ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, "ये किसानों की जीत है। इस लड़ाई में हिस्सा लेने वाले किसानों को बधाई । हर किसानों को हार्दिक बधाई"
सीएम नवीन पटनायक ने फैसले का किया स्वागत
ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने भी मोदी सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया। नवीन पटनायक ने किसानों से कहा कि आपके खेत और परिवार लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पटनायक ने कहा कि बीजू जनता दल किसानों के साथ खड़ी है।
आप नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। केजरीवाल ने कहा कि आज प्रकाश पर्व के दिन कितनी बड़ी खुशखबरी मिली है। केजरीवाल ने कहा कि आखिरकार सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा। केजरीवाल ने किसानों के प्रदर्शन को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताया। वहीं, आप नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार को किसानों के आगे आखिरकार झुकना पड़ा। सरकार को यह मांग बहुत पहले ही मान लेनी चाहिए थी। वहीं, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इस पर अपनी राय रखी। नवाब मलिक ने कहा कि हार के डर से मोदी सरकार ने कृषि कानून वापस लिए ।
गृहमंत्री, कृषि मंत्री समेत अन्य नेताओं ने फैसले का किया स्वागत
पीएम मोदी द्वारा कृषि कानूनों के वापस लेने के फैसले का गृहमंत्री अमित शाह ने स्वागत किया। वहीं, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी स्वागत किया। तोमर ने कहा कि कृषि को लाभ पहुंचाने के लिए देश में कई काम हुए हैं। किसानों के कई तरह के लाभ मिल रहे हैं। छोटे किसानों को आय सहायता की योजना मिल रही है।