फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Collegium: 'जज बनने के लिए सियासी पृष्ठभूमि बाधा नहीं', सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने खारिज की केंद्र की आपत्ति

Thu, 14 Mar 2024 05:14 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

Collegium: न्याय विभाग के इनपुट में कहा गया था कि वकील पुलम्बी माधवन को माकपा समर्थक माना जाता है। उन्हें लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार ने 2010 व 2016-2021 में सरकारी वकील नियुक्त किया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केरल हाईकोर्ट के जज के रूप में वकील मनोज पुलम्बी माधवन की पदोन्नति पर केंद्र सरकार की आपत्ति खारिज की। कॉलेजियम ने कहा कि राजनीतिक पृष्ठभूमि जज के रूप में नियुक्ति को अस्वीकार करने का आधार नहीं हो सकती। केंद्र की ओर से कहा गया था कि मनोज माकपा समर्थक हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

न्याय विभाग के इनपुट को अस्पष्ट बताते हुए सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाले कॉलेजियम ने बिना नाम लिए लक्ष्मना चंद्र विक्टोरिया गौरी मामले का जिक्र किया। उन्हें फरवरी, 2023 में मद्रास हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज बनाया गया। कॉलेजियम ने कहा, यह इनपुट कि उम्मीदवार माकपा समर्थक माना जाता है, अस्पष्ट व ठोस आधार से रहित है। यह सभी मामलों में पर्याप्त कारण नहीं हो सकता। कॉलेजियम ने कहा, हाल ही में एक वकील को हाईकोर्ट जज बनाया गया। जबकि वह पूर्व में एक राजनीतिक दल की पदाधिकारी थीं।

एलडीएफ ने बनाया था सरकारी वकील
न्याय विभाग के इनपुट में कहा गया है, माधवन को माकपा समर्थक माना जाता है। उन्हें लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार ने 2010 व 2016-2021 में सरकारी वकील नियुक्त किया था। माधवन अनुसूचित जाति से हैं। कॉलेजियम ने कहा, इनपुट उनकी उम्मीदवारी खारिज करने का वैध आधार नहीं बनता।
विज्ञापन

नियुक्ति के लिए योग्य व उपयुक्त
सरकारी वकील के रूप में उम्मीदवार की नियुक्ति यह संकेत देगी कि उन्होंने उन मामलों को संभालने में पर्याप्त अनुभव पाया होगा, जहां राज्य एक पक्ष है। इसने उम्मीदवार को हाईकोर्ट जज बनाने के योग्य पाया। कॉलेजियम ने वकील एएचएम अब्दुल अजीज, एसकेवी मुदावक्कट, हरिशंकर वी मेनन, एमएस नायर व ई सुब्रमणि को भी केरल हाईकोर्ट में जज बनाने की सिफारिश की थी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें