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Assam: राज्य में कम हुई उग्रवाद से जुड़ी घटनाएं, पुलिस थानों को और जन-केंद्रित बनाने की जरूरत; CM सरमा का बयान

Sat, 07 Sep 2024 03:40 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राज्य में उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं में कमी आने के साथ ही पुलिस थानों को अधिक जन-केंद्रित स्थानों में परिवर्तित किया जाना चाहिए।
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असम में पुलिस थानों को और जन-केंद्रित बनने की जरूरत - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राज्य में उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं में कमी आने के साथ ही पुलिस थानों को अधिक जन-केंद्रित स्थानों में परिवर्तित किया जाना चाहिए। इस दौरान सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने सार्वजनिक सेवा जिम्मेदारियों में पुलिस कर्मियों की सहायता करने में नागरिक समितियों की भूमिका पर भी जोर दिया।
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उग्रवाद पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ- सरमा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य के सभी 307 पुलिस थानों की नागरिक समितियों के पहले राज्य स्तरीय सम्मेलन में कहा कि पिछले तीन दशकों से असम उग्रवाद से लड़ रहा था। उग्रवाद विरोधी उपाय पुलिस के लिए फोकस बिंदु थे। मैं यह नहीं कहूंगा कि उग्रवाद पूरी तरह से खत्म हो गया है, लेकिन घटनाएं कम हो रही हैं। इसलिए पुलिस थानों को अधिक जन-केंद्रित स्थानों में तब्दील किया जाना चाहिए।

'नागरिक समितियों की भूमिका से पुलिस का कम हो सकता है तनाव'
पुलिस कर्मियों की ड्यूटी की लंबी और कठिन प्रकृति को बनाए रखते हुए उन्होंने कहा कि नागरिक समितियों की भूमिका कर्मियों को नागरिक कार्यों में संलग्न होने में मदद करने से कुछ तनाव भी कम हो सकता है। सीएम सरमा ने कहा कि समाज में सकारात्मकता पैदा करने से धीरे-धीरे लेकिन स्थायी सामाजिक बदलाव आ सकता है और समितियां पुलिस बल को सौंपी गई सार्वजनिक सेवा जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में मदद कर सकती हैं।
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'समितियों को पुलिस और जनता के बीच बनाना होग समन्वय'
उन्होंने आगे कहा कि पुलिसिंग के दो पहलू हैं - आपराधिक न्याय का प्रशासन और सार्वजनिक सेवा। पहले पहलू को भारतीय न्याय संहिता की तरफ से निभाया जाता है। आपराधिक न्याय, आपराधिक जांच, आरोप पत्र दाखिल करना पहले पहलू में ऑफिसर-इन-चार्ज की तरफ से निपटाया जाता है; समितियों का इस संबंध में कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, समितियों को पुलिस स्टेशन और जनता के बीच अच्छे संबंध बनाए रखने होंगे।

'अक्तूबर से काम करना शुरू करेंगी नई समितियां'
सीएम सरमा ने कहा कि अपराध दर में कमी आ रही है। जिन मामलों में फोरेंसिक राय की आवश्यकता नहीं है, उनमें आरोप पत्र समय पर दायर किए जा रहे हैं। हम अपने फोरेंसिक साइंस विंग में भी सुधार कर रहे हैं ताकि ऐसे मामलों में तीन महीने के भीतर आरोपपत्र भी दाखिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई समितियां अक्तूबर से काम करना शुरू कर देंगी और 12 सदस्यीय समितियां जनता और पुलिस के बीच सेतु का काम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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