किसान संगठन ने दावा किया कि किसानों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि उन्हें अभी तक धान के लिए एमएसपी नहीं मिला है और वे पीड़ित हैं, क्योंकि बिचौलिए उनकी कीमत पर लाभ कमाते हैं।
धान खरीद से जुड़ी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों को जब मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आवास पर जाने से रोका गया तो उन्होंने यहां पुलिस के साथ हाथापाई की। पुलिस ने कहा, एहतियात के तौर पर कुछ आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
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नवनिर्माण कृषक संगठन (एनकेएस) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने तख्तियां दिखाईं और खराब गुणवत्ता के बहाने प्रति क्विंटल पांच से सात किलो धान काटने के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने धान की बिक्री पर उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) न देने का भी आरोप लगाया।
संगठन ने दावा किया कि किसानों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि उन्हें अभी तक धान के लिए एमएसपी नहीं मिला है और वे इसलिए पीड़ित हैं, क्योंकि बिचौलिए उनकी कीमत पर लाभ कमाते हैं।
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प्रदर्शनकारी किसान मुख्यमंत्री आवास (नवीन निवास) तक पहुंचने में सफल नहीं हुए तो उन्होंने एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के पास ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने मांगे पूरी न होने पर राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। एनकेएस के एक सदस्य ने कहा, यह एक ट्रेलर था, विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। किसान अपने अधिकारों के लिए जेल जाने को तैयार हैं।
किसानों ने विरोध जताने के लिए यहां सड़कों पर धान के बैग भी रखे। संगठन ने कहा, सरकार पुरुषों के हॉकी विश्वक कप पर ध्यान केंद्रित कर रही है और किसानों को धान खरीद केंद्रों पर बिचौलियों और अधिकारियों द्वारा शोषण के लिए छोड़ दिया गया है।