अदालत ने मयूरभंज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित नाबालिग लड़की को मुआवजे के रूप में चार लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया। यह घटना 7 नवंबर, 2017 को ठाकुरमुंडा के पास ओरियम गांव में हुई थी, जब नाबालिग लड़की अपने घर के पास खेल रही थी।
ओडिशा के मयूरभंज जिले की एक स्थानीय अदालत ने एक नाबालिग (11 वर्षीय) से दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को एक व्यक्ति (22 वर्षीय) को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। घटना साल 2017 में हुई थी।
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विशेष लोक अभियोजक अभिन्ना कुमार पटनायक ने बताया कि मयूरभंज विशेष पॉक्सो अदालत की न्यायाधीश सुमिता जेना ने दोषी खेतरा मुंडा पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने मयूरभंज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित नाबालिग लड़की को मुआवजे के रूप में चार लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया। यह घटना 7 नवंबर, 2017 को ठाकुरमुंडा के पास ओरियम गांव में हुई थी, जब नाबालिग लड़की अपने घर के पास खेल रही थी।
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मुंडा उसे पास के जंगल में ले गया जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। परिवार के सदस्य ने ठाकुरमुंडा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी खेतरा मुंडा को गिरफ्तार कर लिया। विशेष लोक अभियोजक अभिना कुमार पटनायक ने बताया कि यह फैसला पीड़िता और सात गवाहों के बयान के अलावा मेडिकल रिपोर्ट पर आधारित है।