कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की याचिका पर सुनवाई की। इसमें उनके खिलाफ दर्ज POCSO मामले को रद्द करने की मांग की गई है। न्यायालय 27 सितंबर को मामले की सुनवाई करेगा। तब तक अंतरिम आदेश जारी रहेगा। दरअसल, येदियुरप्पा की अर्जी के अलावा सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाली परिषद ने हाईकोर्ट से अंतरिम संरक्षण को मंजूरी देने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट जस्टिस एम नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली एकल न्यायाधीश पीठ को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करनी है।
येदियुरप्पा ने हाईकोर्ट में अपील की है कि इस मामले को रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध के साबित करने के लिए कुछ नहीं है। दरअसल, एक महिला ने बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के पूर्व सीएम ने उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना दो फरवरी को एक बैठक के दौरान हुई। इस पर येदियुरप्पा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके घर आई थी। वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। पूर्व सीएम ने आगे कहा कि मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया। कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने को कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी। मैंने यह मामला पुलिस कमिश्नर के ध्यान में लाया है। येदियुरप्पा ने कहा वह यह नहीं कहेंगे कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।
दो अन्य मामलों पर हुई सुनवाई
- प्रज्ज्वल रेवन्ना: हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी और निलंबित जद (एस) नेता प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ दर्ज पहले मामले में दायर जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
- शोभा करंदलाजे: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले के संबंध में उनके बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द कर दिया है।