भाजपा फरवरी महीने में अगले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ‘किसान कल्याण पत्र’ के नाम से एक विशेष मसौदा पेश करेगी जिसमें किसानों की सभी समस्याओं और उनके समाधान का विस्तृत खाका मौजूद होगा। इसमें किसानों की आमदनी दोगुनी तक बढ़ाने से लेकर उन्हें कर्ज के जाल से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने के सभी उपाय शामिल होंगे।
फरवरी में आएगी योजना
किसान कल्याण पत्र को भाजपा के किसान मोर्चे के वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेश करेंगे। लगभग दो लाख किसानों के इस सम्मेलन को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में 21-22 फरवरी को आयोजित किया जायेगा। इस पत्र में अब तक की सबसे बड़ी कर्जमाफी की घोषणा भी शामिल हो सकती है।
किसानों के मुद्दे ने कांग्रेस को दिलाई जीत
हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के चुनाव में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि वही पार्टी चुनाव जीतने में सफल रही है जिसने किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की। चुनाव परिणामों से उत्साहित कांग्रेस ने इस मंत्र को समझ लिया है और वह इसे अगले लोकसभा चुनाव में भी आजमाने की रणनीति पर विचार कर रही है।
अब नहीं चूकना चाहती भाजपा
कांग्रेस और विपक्षी दलों की इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने किसानों के मुद्दे पर गंभीर प्रयास करना शुरू कर दिया है और किसान कल्याण पत्र उसी का नतीजा है। भाजपा नेता भी मान रहे हैं कि कांग्रेस के द्वारा कर्जमाफी की घोषणा उनकी हार का सबसे बड़ा कारण बनी। यही कारण है कि पार्टी अब लोकसभा चुनावों में कोई चूक नहीं करना चाहती है।
किसान कल्याण पत्र में किसानों की आय बढ़ाने के आलावा किसानों के खर्च को स्थायी रूप से कम करने पर विशेष जोर दिया जायेगा। इसमें कृषि उपकरणों पर विशेष छूट, बिजली-पानी की उपलब्धता जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
आर्थिक गुलामी के दुष्चक्र में फंसे हैं किसान
दरअसल भाजपा का मानना है कि किसानों की समस्या केवल आर्थिक नहीं है। किसानों को आर्थिक गुलामी के दुष्चक्र में फंसने के पीछे सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कारण भी मौजूद हैं। इसीलिए किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजने के लिए भाजपा इन सभी बिंदुओं पर विचार कर रही है।
जानकारी के मुताबिक इन सभी बिंदुओं को ठीक से समझने और उसके निदान का उचित उपाय खोजने के लिए पार्टी कृषि विशेषज्ञों, आर्थिक विषयों के जानकारों और सामाजिक चिंतकों से भी संपर्क कर रही है।