डॉक्टर के लिए यह एक अनोखा मामला था। अपोलो अस्पताल के डॉ. जॉय वर्गीज ने जिन्होंने लोगननाथन की सर्जरी की उन्होंने बताया कि हमने खुली आंखों से मरीज के कान के रास्ते मस्तिष्क को देखा। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक इसका इंतजार किया। स्कैन के बाद उनका शक सही निकला। मरीज को सर्जरी के लिए राजी किया ताकि उस छेद को बंद किया जा सके।'
डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी स्थिति जानलेवा भी है। ऐसे में गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉ.वर्गीज और उनकी टीम ने लोगननाथन के कान की सर्जरी लगभग 8 घंटे तक की। लंबी सर्जरी के बाद मस्तिष्क के उभर आए उस बाहरी हिस्से को हटाकर छेद को बंद कर दिया।
लोगननाथन ने बताया कि पिछले कुछ दिन बहुत अजीबोगरीब गुजरे। वह बताते हैं कि उन्हें अजीबोगरीब आवाजें सुनाई देती थीं। जैसे धड़कन की आवाज। वह बताते हैं कि उन्हें लग रहा था कि उन्हें सर्जरी से गुजरना पड़ेगा। पर वह डर रहे थे। सर्जरी के बाद अब वह ठीक हैं। वह बताते हैं, अब मुझे अजीब आवाजें नहीं सुनाई दे रहीं।'
काफी समय से सिर और कान दर्द से परेशान थे
पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लोगननाथन लगातार सिर दर्द और दाईं कान में दर्द से परेशान थे। कुछ डॉक्टरों ने इसे संक्रमण बताते हुए कुछ दवाएं दीं। यही नहीं इस संक्रमण को दूर करने के लिए वह सर्जरी से भी गुजरे। लोगननाथन के मुताबिक सर्जरी के कुछ महीने बाद ही उन्हें दूसरी समस्याएं महसूस होने लगीं। उनके दाहिने कान से पानी जैसे तरल पदार्थ के रिसाव के साथ ही उन्हें सिर में भी तेज दर्द रहने लगा। इसके बाद उन्होंने अपोलो के डॉक्टरों से सलाह ली और सर्जरी के लिए राजी हुए।