अमेरिका के साथ समझौता
अमेरिका की रक्षा क्षेत्र में दिग्गज कंपनी जीई एयरोस्पेस ने पीएम की हलिया अमेरिका यात्रा के दौरान एमके-2-तेजस के लिए साझा रूप से इंजन बनाने के लिए एचएएल से समझौता भी किया है।
36,468 करोड़ की डील हुई 87 तेजस के लिए
रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में मोदी सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत एचएएल को 36,468 करोड़ रुपये में 87 एलसीए, एमके-1ए तेजस लड़ाकू विमानों का ऑर्डर मिला है। इनकी आपूर्ति अगले साल फरवरी में शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि 2022-23 में भारत का रक्षा निर्यात 15,920 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। राजनाथ ने इसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताया था।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
पीएम की उड़ान पर कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनावी तस्वीरें खिंचवाने के मास्टर को इस हल्के लड़ाकू विमान के लिए पहले की सरकारों के प्रयासों को भी स्वीकार करना चाहिए था। इस पर सोशल मीडिया पर जमकर बहस चली। कई यूजर्स ने लिखा कि कांग्रेस की हालत दयनीय है। कोई कहता है कि राजीव गांधी पायलट थे, कोई तेजस का श्रेय ले रहा है, कोई पूछ रहा है कि पीएम किसे हाथ हिला रहे हैं। वे इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि मोदी फाइटर जेट पर उड़ान भरने वाले पहले पीएम बन गए हैं।
राजनाथ सिंह ने 2019 में भरी थी उड़ान
प्रधानमंत्री मोदी से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2019 में बेंगलुरु स्थित एचएएल हवाईअड्डे से तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वे स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बने थे।
पीएम मोदी ने किया एचएएल का दौरा
- फोटो : एएनआई
एचएएल ने बयान जारी कर कही यह बात
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी बंगलुरू में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पहुंचे। इससे पहले वे एक स्वदेशी डिजाइन और विकसित विमान तेजस में उड़ान भरने वाले वह देश के पहले प्रधानमंत्री बने। एचएएल के बयान के मुताबिक, पीएम मोदी ने एलसीए तेजस की प्रोडक्शन लाइन का दौरा किया और विमान की विभिन्न विशेषताओं पर इंजीनियरों के साथ बातचीत की। उन्हें बताया गया कि विमान वर्तमान में एक जीई 404 इंजन द्वारा संचालित है, जिसे एलसीए एमके II के लिए जीई 414 इंजन में अपग्रेड किया जाएगा। इसे जीई इंजन के साथ 80% प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) व्यवस्था के साथ भारत में निर्मित किया जाएगा। इसके लिए जीई इंजन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एचएएल ने कहा, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर-डब्ल्यूएसआई रुद्र और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर जैसे विभिन्न स्वदेशी हेलीकॉप्टरों को भी पीएम मोदी को दिखाया गया।