भाजपा-शिवसेना के अलावा चुप्पी साधे रहते थे बाकी दल
बता दें कि भाजपा और शिवसेना जैसी पार्टियां ही राम मंदिर के मुद्दे पर खुलकर बोलती रही हैं। बाकी राजनीति दल, भले ही उनकी राजनीति में हिंदुत्व एक बड़ा फैक्टर रहा हो, राम मंदिर के मुद्दे पर चुप्पी साधे रहे हैं। भाजपा और शिवसेना के अलावा दूसरी पार्टियों में बहुत से ऐसे नेता भी थे जो राम मंदिर का व्यक्तिगत तौर पर समर्थन करते थे, मगर वे सार्वजनिक मंच पर बोलने की हिम्मत नहीं दिखा पाए।
जब भी राम मंदिर की बात होती, वे नेता कन्नी काट लेते थे। 2014 में मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो यह मुद्दा आगे बढ़ने लगा। मामला सुप्रीम कोर्ट में था, मगर इसके बावजूद यह आम लोगों में चर्चा का विषय बन गया। लोगों को यह लगने लगा कि अब मंदिर जल्द बनेगा। विपक्षी दलों को भी यह अहसास हो गया कि वे कम से कम सार्वजनिक मंच से हिंदुत्व को नहीं नकारने की स्थिति में नहीं हैं।
अब तकरीबन सभी पार्टियां राम मंदिर को लेकर कोई नकारात्मक टिप्पणी करने से बच रही हैं। वे राजनीतिक दल जो अभी तक हिंदुत्व से दूरी बनाए हुए थे, अब वे गंभीरता से सोचने लगे हैं।
मुलायम ने कार सेवकों पर गोली चलवाई, वहीं राम-राम जप रहे हैं अखिलेश यादव
1990 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे। हिंदू साधु-संत, अयोध्या की ओर कूच कर रहे थे। वहां कर्फ्यू लगा हुआ था। पुलिस ने बाबरी मस्जिद के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर रखी थी। कारसेवक आगे बढ़ते जा रहे थे। 30 अक्टूबर, 1990 को कारसेवकों पर की गई पुलिस फायरिंग में पांच लोगों की मौत हो गई।
दो दिन बाद ही हजारों कारसेवक हनुमान गढ़ी के निकट पहुंच गए। हनुमान गढ़ी के सामने लाल कोठी वाली संकरी गली में जब कारसेवक आगे बढ़ रहे थे तो पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें करीब ढेड़ दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। अब मुलायम सिंह के बेटे और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव कहते हैं कि वर्तमान व भविष्य की पीढ़ियां भी मर्यादा पुरूषोत्तम के दिखाए मार्ग के अनुरूप सच्चे मन से सबकी भलाई व शांति के लिए मर्यादा का पालन करेंगी।
ये नेता भी राम के नाम में लीन रहे
राहुल गांधी ने कहा, भगवान राम हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं। राम प्रेम हैं, वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते। राम करुणा हैं, वे कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते। राम न्याय हैं, वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, भूमि पूजन के मौके पर पूरे देश को बधाई। भगवान राम का आशीर्वाद हम पर बना रहे। उनके आशीर्वाद से हमारे देश को भुखमरी, अशिक्षा और गरीबी से मुक्ति मिले और भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। आने वाले समय में भारत दुनिया को दिशा दे।
राम जन्मभूमि पूजन से पहले बसपा सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने ट्वीट में राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट को श्रेय देने की बात कही। जैसा कि सर्वविदित है कि अयोध्या विभिन्न धर्मों की पवित्र नगरी व स्थली है। दुख की बात यह है कि यह स्थल राम-मंदिर व बाबरी-मस्जिद जमीन विवाद को लेकर काफी वर्षों तक विवादों में भी रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत ही आज यहां राम-मंदिर निर्माण की नींव रखी जा रही है। यह श्रेय सुप्रीम कोर्ट को ही जाता है। इस मामले में बसपा शुरू से ही यह कहती रही कि इस प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, जो भी फैसला देगा, हमारी पार्टी उसे स्वीकार करेगी।
वहीं सचिन पायलट ने कहा, मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्री राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन एवं शिलान्यास के सुअवसर पर समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर पर लिखा, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का होने वाला शिलान्यास भूमिपूजन हर भारतवासी के लिए अद्भुत आनंद व गौरव का क्षण है।
इस बाबत उन्होंने अपने एक वीडियो भी शेयर किया है। कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में लिखा है 'राम जपो जी ऐसे ऐसे ध्रुव प्रह्लाद जपयो हर जैसे'। करोड़ों हिंदुस्तानियों की आस्था,श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक राममंदिर आज मूर्त रूप ले रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सब पर कृपा बनाए रखें,सबका कल्याण करें।
मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अयोध्या में होने जा रहे भव्य राममंदिर निर्माण का स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से मंदिर निर्माण के लिए दान की गई चांदी की 11 ईटें अध्यात्म और विकास भारत की धरोहर है। रामदेव ने कहा कि राम केवल प्रभु नहीं हैं, वो हमारी संस्कृति हैं। अब राम मंदिर के साथ साथ राम राज्य का संकल्प भी पूरा होगा।