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भाषण पर सियासत: पीएम मोदी ने पंडित नेहरू के जिस संबोधन पर कसा तंज, क्या है उसकी सच्चाई, जानें सबकुछ

Mon, 05 Feb 2024 09:28 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने भारतीयों को नीचा दिखाया था और कहा था कि भारतीय कम काम करते हैं।
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लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : संसद टीवी
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने नेहरू के 15 अगस्त 1959 को लाल किले से दिए भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी देश के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेहरू ने भारतीयों को नीचा दिखाया था और कहा था कि भारतीय कम काम करते हैं। नेहरू की भारतीयों के प्रति सोच थी कि भारतीय आलसी हैं। लेकिन, क्या नेहरू ने ऐसा ही कहा था। उनके सही शब्द क्या थे। आइए जानते हैं। 

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लाल किले पर नेहरू ने दिया था ये भाषण
पंडित नेहरू ने अपने संबोधन में कहा था, "हिंदुस्तान में ज्यादा मेहनत करने की आदत आमतौर से नहीं है। हमारा कसूर नहीं है, आदतें ऐसी पड़ जाती है। लेकिन हम उतना काम नहीं करते, जितना यूरोप वाले या जापान वाले या चीन वाले या रूस वाले या अमेरिका वाले करते हैं। यह न समझिए कि वह कौमें कोई जादू से खुशहाल हो गईं, मेहनत से हुई हैं और अक्ल से हुई हैं। तो हम भी मेहनत और अक्ल से आगे बढ़ सकते हैं, कोई और चारा नहीं हैं।

अपने संबोधन में पंडित नेहरू ने कहा था, हम कोई जादू से नहीं बढ़ सकते, क्योंकि दुनिया इंसान के काम से चलती है और इंसान की मेहनत से सारी दुनिया की दौलत पैदा होती है। चाहे जमीन पर किसान काम करता है, या कारखाने में, या दुकान में या कारीगर, उससे काम चलता है। कुछ बड़े अफसर दफ्तरों में बैठके इंतजाम करते हैं, वह दौलत नहीं पैदा करते हैं। दौलत पैदा करता है किसान अपनी मेहनत से, या कारीगर। तो हमें अपने काम, अपनी मेहनत को आगे बढ़ाना है।" 
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"अभी मुझे खुशी हुई देखकर कि पंजाब के सूबे में काम करने के वक्त (घंटों) को बढ़ाया गया। इससे पंजाब की दौलत बढ़ेगी। पंजाब के लोगों को फायदा होगा और किसी को नहीं। हमारे यहां छुट्टियां हैं, इतनी छुट्टियां हैं कि इसमें कोई मुल्क हमारा मुकाबला नहीं कर सका, दुनियाभर में। छुट्टी अच्छी चीज है, आदमी को ताजा करती है। लेकिन जरूरत से ज्यादा छुट्टी जरा कमजोर भी कर देती है और काम की आदत भी निकल जाती है।"
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