जम्मू-कश्मीर में अब जितने पर्यटक आ रहे हैं, उतने पहले कभी नहीं आए। कश्मीर में श्रीनगर या दूसरे पर्यटक स्थलों पर होटल फुल हैं। यहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया गया है। विपक्षी दलों ने यह भ्रम फैला दिया था कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद यहां पर बाहरी लोग आकर बस जाएंगे। वे उनकी जमीनों पर कब्जा कर लेंगे। ऐसा कुछ नहीं हुआ। पीएम मोदी की टीम, यहां पर कई वर्षों से काम कर रही है। अब पीएम खुद यहां के विकास कार्यों का जायजा लेना चाहते हैं।
परिसीमन आयोग की फाइनल रिपोर्ट हो रही तैयार
क्या चुनाव भी मोदी के दौरे का एक मकसद है, इस सवाल के जवाब में ब्रिगेडियर गुप्ता ने कहा, ऐसा कुछ नहीं है। हालांकि जम्मू-कश्मीर में चुनाव तो होने ही हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। बतौर अनिल गुप्ता, अभी तो यहां पर परिसीमन आयोग की फाइनल रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। वैसे पीएम मोदी अपने भाषण में विधानसभा चुनाव (इस साल संभावित) को लेकर कोई घोषणा या संदेश दे सकते हैं।
अनिल गुप्ता कहते हैं, जब यहां पर अनुच्छेद 370 खत्म किया गया तो विपक्षी दलों के अलावा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। कई देशों के सांसदों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। इस तरह का भ्रम फैलाया गया कि यहां पर तो लोकतंत्र खत्म हो गया है। सब कुछ सुरक्षा बलों के पहरे में है। अब पीएम मोदी उन्हें यह जवाब दे सकते हैं कि जम्मू-कश्मीर में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा खुशहाली आ गई है। पर्यटकों की कतार लगी रहती है।
पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों देशों की शांति और विकास के लिए जम्मू-कश्मीर व अन्य विवादित मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए। पीएम अपने दौरे में पाकिस्तान को जवाब दे सकते हैं। मौजूदा जम्मू-कश्मीर की खुशहाली का जिक्र कर सकते हैं। यहां पर दूसरे मुल्क अब निवेश करना चाहते हैं। ये सब माहौल अगस्त 2019 के बाद ही कायम हुआ है। अगर यहां कुछ गलत होता तो पाकिस्तान, भारत के गेहूं को अफगानिस्तान भेजने के लिए रास्ता देने को इतना जल्दी तैयार नहीं होता।
औद्योगिक निवेश पर कर सकते हैं बड़ा एलान
पीएम मोदी, इससे पहले फरवरी 2019 में जम्मू-कश्मीर आए थे। उन्होंने जम्मू, श्रीनगर और लद्दाख का दौरा कर हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की थी। पीएम अपने दौरे में जम्मू-कश्मीर के लिए औद्योगिक निवेश पर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। लगभग 70,000 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को शुरू करने के साथ ही कई पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास एवं उद्घाटन कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में कुछ साल पहले ही पंचायती राज व्यवस्था शुरू हुई है। पीएम मोदी, इस व्यवस्था को एक अनुकरणीय उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत कर सकते हैं। जम्मू कश्मीर के गांवों का कायापलट हुआ है। पल्ली गांव में 500 केवी क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। यहां से पल्ली पंचायत के अंतर्गत आने वाले घरों को बिजली मिलेगी।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पल्ली गांव से देश भर की पंचायतों को वर्चुअल रूप से संबोधित करेंगे। पीएम मोदी की यात्रा के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कई दौरे कर चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि परिसीमन का काम पूरा हो जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जाएंगे।