लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा के जवाब में पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए अपने नाराज सहयोगी टीडीपी को भी सियासी संदेश दिया। अपने भाषण में पीएम ने टीडीपी को याद दिलाया कि इस पार्टी का गठन कांग्रेस विरोध की नींव पर हुआ है। इसी बहाने पीएम ने आंध्रप्रदेश की अस्मिता का सवाल खड़ा करते हुए टीडीपी को परोक्ष रूप से सचेत किया।
'कांग्रेस विरोध की नींव पर खड़ी हुई टीडीपी की इमारत'
गौरतलब है कि आंध्रप्रदेश में भाजपा के साथ सरकार का गठन करने वाली टीडीपी का मोदी सरकार से बीते कुछ महीने से मतभेद बढ़ा है। खुद सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि अगर भाजपा को उनकी जरूरत नहीं है तो वह राजग से अलग हो जाएंगे। बजट पेश होने के बाद यह टकराव और बढ़ा ही है।
भाषण में चुनावी राज्य कर्नाटक का किया बार बार जिक्र
अपने भाषण के क्रम में पीएम ने आंधप्रदेश की एक घटना का जिक्र किया जिस समय राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे। पीएम ने कहा कि उस दौरान राजीव ने एयरपोर्ट पर ही राज्य के दलित सीएम का सार्वजनिक रूप से अपमान किया था। इसी के विरोध में एनटी रामाराव ने अभिनय की दुनिया को अलविदा कह सियासत की दुनिया में कदम रखा। पीएम ने कहा कि टीडीपी की स्थापना की वजह दलित सीएम का अपमान था।
अपने भाषण में पीएम ने सर्वाधिक जिक्र चुनावी राज्य कर्नाटक का किया। इस दौरान लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे उनके निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि पता नहीं कर्नाटक के नतीजे आने के बाद खड़गे इस पद पर बने रहेंगे या नहीं। इसलिए राष्ट्रपति के अभिषण पर खड़गे के भाषण को वह विदाई भाषण के रूप में देख रहे हैं। पीएम ने इसी दौरान कर्नाटक की उन योजनाओं का जिक्र किया जिसका बिना पूर्व तैयारी के यूपीए के कार्यकाल में शिलान्यास कर दिया गया था।