काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशीवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ धाम का ये नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है। ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का। ये प्रतीक है, हमारी आध्यात्मिक आत्मा का। भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का। आइए जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें-
मंदिर परिसर में आ सकेंगे 50 से 75 हजार श्रद्धालु
पहले यहाँ मंदिर क्षेत्र केवल तीन हजार वर्ग फीट में था, वो अब करीब पांच लाख वर्ग फीट का हो गया है। अब मंदिर और मंदिर परिसर में 50 से 75 हजार श्रद्धालु आ सकते हैं। यानि पहले मां गंगा का दर्शन-स्नान और वहां से सीधे विश्वनाथ धाम। कहा- आप जब यहां आएंगे तो केवल आस्था के दर्शन नहीं करेंगे। आपको यहां अपने अतीत के गौरव का अहसास भी होगा। कैसे प्राचीनता और नवीनता एक साथ सजीव हो रही है। कैसे पुरातन की प्रेरणाएं भविष्य को दिशा दे रही हैं।
भारतीय एकता का कराया अहसास
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण, भारत को एक निर्णायक दिशा देगा, एक उज्जवल भविष्य की तरफ ले जाएगा। यह परिसर साक्षी है हमारे सामर्थ्य का, हमारे कर्त्तव्य का। अगर सोच लिए जाए, ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है। यहाँ अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं।
श्रमिकों को भी साधा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में श्रमिकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिनका पसीना इस भव्य परिसर निर्माण में बहा है, उन सभी का आभार। हमारे कारीगर, सिविल इंजीनियर्स, प्रशासन के सभी लोगों का अभिनंदन। इन सभी ने कोरोना के विपरीत काल में भी यहां पर काम रुकने नहीं दिया।
जनता को दिलाए तीन संकल्प
पीएम मोदी ने काशी के मंच से जनता को तीन संकल्प दिलाए। उन्होंने स्वच्छता, सृजन और आत्मनिर्भरता की अपील की। कहा कि पूरे आत्मविश्वास के साथ सृजन करिए। भारत को स्वच्छत रखिए और आत्मनिर्भर भारत के लिए अपने प्रयास बढ़ाते रहिए। सौ साल बाद भारत कैसा होगा, इसके लिए हमें अभी से काम करना होगा।
जगा गए आत्मविश्वास
पीएम ने भारतवासियों के आत्मविश्वास को भी जगाया। उन्होंने कहा कि हम भारतवासी की भुजाओं में वो बल है, जो अकल्पनीय को साकार कर देता है। हम तप जानते हैं। तपस्या जानते हैं। देश के लिए दिन रात खपना जानते हैं। चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हम भारतीय मिलकर उसे परास्त कर सकते हैं।