पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रूट में परिवर्तन की सूचना दो घंटा पहले मिलने के बाद भी फिरोजपुर SSP ने जरूरी कदम नहीं उठाए। पुलिस को VVIP सुरक्षा पर बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत है। कमेटी ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई उपायों का सुझाव भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इन सुझावों को केंद्र सरकार को भी भेजेगा ताकि आगे से सावधानी बरती जा सके।
पंजाब में पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई थी
पांच जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब के फिरोजपुर में दौरा था। भारी बारिश के कारण पीएम को सड़क मार्ग से जाना पड़ा लेकिन इस दौरान हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर रास्ते में प्रदर्शनकारी मिल गए जिस कारण उनका काफिला तकरीबन 20 मिनट बेहद असुरक्षित क्षेत्र में रुका रहा। जिस इलाके में पीएम मोदी का काफिला रुका था, वह आतंकियों के अलावा हेरोइन तस्करों का गढ़ माना जाता है। पिछले साल सितंबर माह में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था।
गृह मंत्रालय ने लगाया था पंजाब सरकार पर आरोप
गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और ट्रेवल प्लान के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था। उन्हें इससे जुड़े इंतजाम करने थे, जो नहीं किए गए। गृह मंत्रालय ने कहा कि जब यात्रा मार्ग बदल गया तो पंजाब सरकार को अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती करनी थी ताकि सड़क मार्ग से यात्रा सुरक्षित रहे, लेकिन अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए।
एसएसपी कर्तव्य पालन में विफल रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे में हुई सुरक्षा चूक के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त जांच समिति ने फिरोजपुर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को जिम्मेदार माना है। समिति ने कहा, पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने के बाद भी एसएसपी कर्तव्य पालन में विफल रहे।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा, एसएसपी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहे। प्रधानमंत्री के रूट के बारे में दो घंटे पहले जानकारी होने के बावजूद एसएसपी ने कर्तव्य नहीं निभाया। गौरतलब है कि जनवरी में हुसैनीवाला सीमा स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाते समय प्रधानमंत्री का रूट किसानों ने जाम कर दिया था।
केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वह शीर्ष कोर्ट की सेवानिवृत्त जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट उचित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को भेजेगा।
पुलिस अफसरों के प्रशिक्षण का सुझाव
समिति ने सुरक्षा के उपायों के सुझाव भी दिए हैं। एक निगरानी समिति बनाई जाए, जिसमें समय-समय पर बदलाव हों। ब्लू बुक के अनुसार पुलिस अफसरों का प्रशिक्षण, वीवीआईपी यात्राओं के लिए सुरक्षा योजना व्यवस्थित की जाए।
पंजाब में 20 मिनट फंसा रहा था पीएम का काफिला
इस साल पांच जनवरी को पीएम मोदी पंजाब के दौरे पर थे। मौसम खराब होने की वजह से उन्हें सड़क मार्ग से ही बठिंडा से फिरोजपुर के हुसैनीवाला जाना पड़ा। यहां राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किमी पहले काफिला जब फ्लाईओवर पर पहुंचा तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने मार्ग को अवरुद्ध कर रखा था। इस वजह से उनका काफिला आगे नहीं बढ़ा और 20 मिनट वहीं फंसा रहा। बाद में उन्हें निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से लौटना पड़ा था।
राज्य सरकार ने किया था दावा अंतिम वक्त में बदला मार्ग
तब राज्य सरकार ने कहा था कि पीएम ने अंतिम समय में मार्ग बदल दिया था, जिसके कारण यह घटना हुई। लॉयर्स वॉयस नामक संगठन ने याचिका दायर कर पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को निलंबित करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद मामले में जांच समिति गठित की थी।
चन्नी बताएं-किसके इशारे पर रची साजिश : अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि पीएम सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि एक साजिश का परिणाम थी। कांग्रेस के तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को बताना चाहिए कि यह साजिश किसके इशारे पर रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चन्नी उसी समय दिल्ली में एक कांग्रेस नेता के संपर्क में थे।