सुप्रीम कोर्ट ने आज मनी लॉन्ड्रिंग कानून PMLA को वैध बताने वाले अपने पूर्ववर्ती फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान सीजेआई एनवी रमण ने साफ कहा कि अदालत कालेधन या मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के पूरी तरह पक्ष में है, लेकिन इसके दो प्रावधान पुनर्विचार लायक हैं।
इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीजेआई रमण ने गुरुवार को याचिका की सुनवाई करते हुए कहा- 'हम सिर्फ दो पहलुओं को दोबारा विचार लायक मानते हैं।'
ये पहलू हैं-
- ECIR (ED की तरफ से दर्ज FIR) की रिपोर्ट आरोपी को नहीं देने का प्रावधान
- और खुद को निर्दोष साबित करने का जिम्मा आरोपी पर होने का प्रावधान
बता दें, शीर्ष कोर्ट ने बीते दिनों मनी लॉन्ड्रिंग कानून के विभिन्न प्रावधानों की वैधता को कायम रखा था। इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं।