संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को चार दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर रवाना हो गए। लेकिन खास बात यह है कि उनके विमान ने अमेरिका के लिए अफगानिस्तान होते हुए सीधे हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया।
प्रधानमंत्री के साथ विशेष विमान में एनएसए अजित डोभाल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला समेत सरकार के उच्च अधिकारी भी अमेरिका रवाना हुए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की फ्लाइट के लिए पाकिस्तान का एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी गई थी। पाकिस्तान की तरफ से हामी भरने के बाद प्रधानमंत्री की फ्लाइट के लिए यह रूट तय किया गया।
अमेरिका पहुंचने में ज्यादा समय लेगा AI-1
प्रधानमंत्री का विशेष विमान नई दिल्ली से अमेरिका की नॉन स्टॉप उड़ान में 15 घंटे का समय लेगा। हालांकि, अफगानिस्तान का एयरस्पेस इस्तेमाल न करने की वजह से इसमें कुछ घंटे की बढ़ोतरी हुई है। अफगानिस्तान पर पूरी तरह कब्जे के बाद तालिबान ने 16 अगस्त से अपना एयरस्पेस कॉमर्शियल उड़ानों के लिए बंद कर दिया था। भारत सरकार ने एयरलाइन कंपनियों को अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र से उड़ान न भरने की एडवाइजरी भी जारी की है।