राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आज लाल किले से अपने 103 मिनट लंबे भाषण में संघ के योगदानों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 100 साल की अवधि में संघ ने राष्ट्रनिर्माण के काम में योगदान दिया है। इस बात का उल्लेख इसलिए अहम है क्योंकि लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने पहली बार आरएसएस का जिक्र किया है। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह 2025 में लगातार 12वें साल ध्वजारोहण किया। उन्होंने संघ को दुनिया का सबसे बड़ा NGO बताया और कहा कि यह संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में योगदान दे रहा है।
मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ के लोगों ने...
पीएम मोदी ने कहा, आज मैं गर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं। आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। संघ के लोग 100 साल से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ के लोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। ऐसा आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। बीते 100 साल के दौरान देश की यात्रा में संघ का अहम योगदान है।
आरएसएस की... समर्पित यात्रा हमें प्रेरित करती रहेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासन आरएसएस की पहचान रही है। उन्होंने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से वे उन स्वयंसेवकों को पूरे आदर के साथ याद करना चाहते हैं, जिन्होंने 100 साल की यात्रा में योगदान दिया है। पीएम मोदी ने कहा, देश गर्व करता है कि आरएसएस की यह भव्य और समर्पित यात्रा हमें प्रेरित करती रहेगी।
लाल किले से पीएम मोदी के भाषणों में क्या होता है?
आम तौर पर स्वतंत्रता दिवस भाषणों में प्रधानमंत्री मोदी विकास योजनाओं को गिनाने के अलावा नीतिगत घोषणाएं भी करते हैं। 2024 के भाषण में उन्होंने समान नागरिक संहिता का जोरदार समर्थन किया था। उन्होंने कानून के वर्तमान ढांचे को 'सांप्रदायिक और भेदभावपूर्ण' बताकर देश में एक साथ चुनाव (One Nation One Election) कराने की वकालत भी की थी।
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