भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वीं शताब्दी के कोणार्क सूर्य मंदिर के चक्र की प्रतिकृति के सामने विदेशी मेहमानों का स्वागत कर एक संदेश देने की कोशिश भी की। यह कोणार्क चक्र भारत के प्राचीन ज्ञान और उन्नत सभ्यता के साथ-साथ प्रगति और निरंतरता का प्रतीक है। कन्वेंशन हॉल के अंदर प्रधानमंत्री ने बेहद गर्मजोशी से विदेशी मेहमानों का स्वागत किया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने नमस्ते के साथ प्रधानमंत्री का अभिवादन किया और फिर दोनों नेता गर्मजोशी से गले मिले। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को प्रधानमंत्री मोदी कोणार्क चक्र की बारीकियां समझाते नजर आए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस, अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जीवा और डब्ल्यूटीओ के डायरेक्टर जनरल नगोजी ओकोन्जो-इवेला भारत मंडपम में सबसे पहले पहुंचने वालो में थे। प्रधानमंत्री ने इनके अलावा बांग्लादेश, चीन, तुर्किये, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और इतालवी नेताओं का भी गर्मजोशी से स्वागत किया।