कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन झेल रहे देश को संकट से उबारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1.5 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच इसे लेकर चर्चा चल रही है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आर्थिक राहत की योजना 2.3 लाख करोड़ तक हो सकती है, लेकिन अंतिम संख्या को लेकर चर्चा अभी जारी है।
इस हफ्ते के अंत तक राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है और 10 करोड़ लोगों के खाते में सीधे राशि डाली जा सकती है। यह राहत गरीब वर्ग और उन लोगों को दी जाएगी, जो लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
भारत में अब तक कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 606 तक पहुंच चुकी है जबकि 12 लोगों की मौत हो चुकी है। खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित करते हुए 21 दिन तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी।
केंद्र सरकार 2020-21 के लिए अपनी कर्ज योजना को भी बढ़ा सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने रिजर्व बैंक से कुछ सरकारी सिक्योरिटी खरीदने को कहा है। यह कदम रिजर्व बैंक ने दशकों में अब तक नहीं उठाया है क्योंकि इससे महंगाई के बढ़ने की आशंका काफी ज्यादा हो जाएगी।
एक अन्य सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार केंद्रीय बैंक की ओवरड्राफ्ट नीति का भी इस्तेमाल कर सकती है। वित्त मंत्रालय ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।