यूएई में होने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी भी शिरकत करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी भारत द्वारा जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर उठाए गए कदमों पर बात करेंगे। बता दें 30 नवंबर और दो दिसंबर को इस बैठक का आयोजन किया जाएगा।
पीएम मोदी होगें बैठक में शामिल
सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी 30 नवंबर को यूएई जाएंगे और अगले दिन एक दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र के विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। 30 नवंबर से दो दिसंबर को विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में तमाम देशों के नेता और प्रमुख संस्थानों के अध्यक्ष शामिल होंगे। इस बैठक में जलवायु कार्रवाई को सुदृढ़ रूप से लागू करने के लिए उद्देश्य से कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
जलवायु कार्रवाई के उपायों पर मंथन
जलवायु कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए, वैश्विक उपभोग पैटर्न को सही करने की आह्वान किया गया है। बता दें 2021 में ग्लासगो में आयोजित जलवायु वार्ता में भी पीएम मोदी ने शिरकत की थी, जहां उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत की रणनीति तो उजागर किया था। पीएम मोदी ने पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को अपनाने के लिए जोर दिया था।
एक एनजीओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोग 2015 में लगभग आधे वैश्विक उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार थे। पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने 2015 के पेरिस समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राष्ट्र कार्य योजना को अपडेट किया। भारत के अद्यतन एनडीसी के लक्ष्य 2005 के स्तर से 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 45 प्रतिशत तक कम करना, 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से 50 प्रतिशत संचयी विद्युत स्थापित क्षमता हासिल करना है।
वार्षिक जलवायु वार्ता (कॉप 28) में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भी शामिल होंगे। जिसमें जलवायु लक्ष्यों के लिए वित्त, उत्सर्जन में कमी, जलवायु प्रभावों के अनुकूलन, हरित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन जैसे मुद्दे शामिल हैं।