कोविड टास्कफोर्स से जुड़े लोगों का अनुमान है कि मई के पहले सप्ताह से थोड़ा हालात में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि जून के पहले कोविड संक्रमण के मामले में कोई खास राहत के आसार नहीं हैं। बताते हैं केंद्र सरकार इस समय दो फ्रंट पर काम कर रही है। पहला लक्ष्य संसाधन मुहैया कराना है और दूसरा लक्ष्य टीकाकरण पर जोर देना है।
टीकाकरण तेज होगा, मेडिकल उपकरण पहुंचेंगे
एक मई से टीकाकरण अभियान को काफी गति मिल जाने के आसार हैं। वहीं दूसरी तरफ मई के पहले सप्ताह से दुनिया से बड़े पैमाने पर आयात हो रहे मेडिकल इक्विपेंट की खेप तेजी से आने लगेगी। इसमें ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर ऑक्सीजन की बॉटल, सिलिंडर समेत तमाम चिकित्सीय साजो सामान हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार समुद्र के रास्ते से तमाम मालवाहक जहाज भारतीय बंदरगाह तक पहुंचने लगेंगे। ऐसा होने के बाद महानगरों में स्थिति को सुधारने में तेजी से मदद मिलेगी।
नीति आयोग के सदस्य डाॅ. वीके पॉल ने घर में मास्क पहनने की सलाह दी है। अमर उजाला से बातचीत में डाॅ. पाल का कहना है कि कोविड व्यवहार की कोई भी अनदेखी भारी पड़ेगी। कोविड का वायरस लगातार नए रूप में सामने आ रहा है। इसलिए अब वह समय आ गया है कि जब लोगों को घरों में भी मास्क पस्क पहनकर रहना होगा। जबकि पिछले साल के कोविड-19 संक्रमण में इस तरह की कोई स्थिति नहीं थी। वैशाली मैक्स के डाॅ. अश्विन चौबे के कहते हैं कि कोविड का वायरस लगातार अपनी आक्रामकता बढ़ा रहा है। आरटीपीसीआर टेस्ट भी अब कोविड संक्रमण की सटीक जानकारी नहीं दे पा रहा है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
कोविड-19 की भारत में भयानक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार 26 अप्रैल को बांग्लादेश ने भारत से लगती अपनी सीमा को सील कर दिया है। बांग्लादेश ने यह कदम भारत में कोविड संक्रमण के भयानक हालात के कारण उठाया है। बताते हैं पश्चिम बंगाल में कोविड संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 88800 सक्रिय मामले हैं और 10941 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। बांग्लादेश की तरह ही नेपाल ने भी सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।