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पड़ताल : कोरोना वैक्सीन से जान का खतरा? जानिए क्या है इस खबर की सच्चाई

Tue, 25 May 2021 08:13 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जो लोग कोरोना वैक्सीन ले रहे हैं, वह अगले दो साल में मर जाएंगे। लेकिन क्या यह दावा सच है इसके लिए सरकारी संस्था पीआईबी ने इसकी पड़ताल की है।
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पीआईबी फैक्ट चेक - फोटो : पीआईबी
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विस्तार
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भारत में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार देश के प्रत्येक नागरिक को टीका लगाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। देश में लगभग 20 करोड़ लोगों ने वैक्सीन ले भी ली है।  लेकिन, इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है। इस सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जो लोग कोरोना वैक्सीन ले रहे हैं, वह अगले दो साल में मर जाएंगे। लेकिन क्या यह दावा सच है इसके लिए सरकारी संस्था पीआईबी ने इसकी पड़ताल की है। आइए जानते हैं क्या है इसकी सच्चाई?

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पीआईबी ने फैक्ट चेक करने के लिए वैक्सीन लेने वाले लोगों की दो साल में मौत हो जाने के दावे की भी जांच की। जांच में यह दावा फर्जी पाया गया। पीआईबी ने इस दावे को सिरे से नकार दिया है। पीआईबी ने कहा कि वैक्सीन से लोगों की जान को खतरा नहीं है। सोमवार को एक ट्वीट के माध्यम से पीआईबी ने वायरल दावे की पोल खोली और ऐसे किसी भी दावे को फोरवर्ड नहीं करने की अपील की।

पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट में लिखा कि कोरोना के टीके पर एक फ्रांसीसी नोबेल पुरस्कार विजेता के कथित बयान वाली एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में किया गया दावा फेक है। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इस तस्वीर को फोरवर्ड न करें। 
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