5 हजार करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा ईडी की पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि 2018 में अप्रैल से जुलाई के बीच डीएचएफएल ने 600 करोड़ रुपये का कर्ज ड्वॉयट अर्बन वेंचर्स को दिया था। बताया जा रहा है कि राणा कपूर का परिवार इस कंपनी का चलाता है।
दरअसल, यस बैंक ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) को जो कर्ज दिया था वह बाद में एनपीए घोषित हो गया। राणा कपूर पर आरोप है कि उन्होंने कुछ कॉरपोरेट नियमों को ताक पर रखकर कमजोर आधार पर भी लोन दिया, जिसके बदले उनकी पत्नी के खाते में घूस की रकम ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसी इस एंगल से भी जांच कर रही है।
रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर तमाम अंकुश लगाते हुए बैंक के जमाकर्ताओं के लिए तीन अप्रैल तक निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है।