मामले को लेकर कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि संपत्ति की कुर्की का आदेश पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों में अपनी तय हार से ध्यान भटकाने की भाजपा की हताशा को दिखाता है। एक बयान में उन्होंने कहा कि उनका कोई भी गठबंधन सहयोगी (सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग) भाजपा की तय हार को नहीं रोक सकता है। बदले की ये ओछी चालें कांग्रेस को किसी भी तरह से नहीं डरा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की आवाज नेशनल हेराल्ड को चलाने वाली कंपनियों की संपत्तियों की कुर्की और जब्ती को जायज ठहराया जा रहा है, क्योंकि यह (अखबार) कांग्रेस पार्टी और उसकी विरासत से जुड़ा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ईडी की कार्रवाई का मकसद चुनाव के बीच लोगों का ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा, 'यह कोई अपराध की आय नहीं है। हकीकत में ऐसा कोई भी शिकायतककर्ता नहीं है, जो धोखा दिए जाने का दावा करता हो, एक भी नहीं। यह चुनाव के बीच में लोगों का ध्यान भटकाने के लिए छल और झूठ का पहले से बनाया हुआ एक ढांचा है।'
वहीं, ईडी ने एक बयान में कहा कि जांच एजेंसी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) और यंग इंडियन (वाईआई) के खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया। एजेंसी ने कहा कि उसने धनशोधन के मामले में 751.9 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बयान में यह भी आरोप लगाया है कि कांग्रेस के शेयरधारकों और दानदाताओं को एजेएल और पार्टी के पदाधिकारियों ने धोखा दिया।
इसने कहा, जांच से पता है कि एजेएल के पास दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे देश के कई शहरों में 661.69 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों के रूप में अपराध की आय है। एजेंसी ने कहा, वाईआई के पास एजेएल के इक्विटी शेयरों में निवेश के रूप में 90.21 करोड़ रुपये की अपराध आय है।