धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार डीजल-पेट्रोल का पैसा दामाद और राजीव गांधी फाउंडेशन में भेजती थी जबकि मोदी सरकार यह पैसा गरीबों के खाते में जमा करती है। केंद्र सरकार दामाद नहीं बल्कि गरीबों के कल्याण में खर्च करती है।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि केंद्र सरकार लोगों को लूटकर अपनी तिजोरी भर रही है। शायद वह भूल गईं कि कांग्रेस शासित प्रदेशों राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, झारखंड और यहां तक पुडुचेरी ने भी ईंधन पर पांच रुपये कर बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला था। उन्हें यह पता होना चाहिए कि केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल-डीजल से जो राजस्व जुटाया है, वह कोविड-19 से पैदा हुई वर्तमान और भावी चुनौतियों के समाधान में खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में जब विकास, स्वास्थ्य के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है तो सरकार कर बढ़ती है। कोरोना संकट के दौरान पेट्रोल और डीजल से मिले कर का पैसा स्वास्थ्य, रोजगार और लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान किए जाने पर खर्च हो रहा है। भाजपा की सरकार लोगों की मेहनत की कमाई को नगद लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए किसानों और गरीबों के कल्याण में खर्च कर रही है।
प्रधान ने कहा कि दुनिया और देश की अर्थव्यवस्था मौजूदा समय में चुनौती के दौर से गुजर रही है। कोरोना वैश्विक महामारी के कारण दुनिया में तेल और गैस इंडस्ट्री भी मांग और आपूर्ति के विचित्र संकट से गुजर रही है। लॉकडाउन की वजह से अप्रैल और मई में पेट्रोल और डीजल की मांग में करीब 70 फीसदी कम आई। जून में आर्थिक हलचल बढ़ने के साथ धीरे-धीरे मांग वापस आ रही है।
ऐसे में पेट्रोल-डीजल की दरों में हुई हालिया वृद्धि का बहुत ज्यादा असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब घर परिवार में संकट आता है तो व्यक्ति बड़े धैर्य से आर्थिक संसाधनों का प्रबंधन करता है। भविष्य की चुनौतियों से निपटने की भी तैयारी की जाती है, तेल की कीमतों में वृद्धि को इसी नजरिए से देखना चाहिए।