देश में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी हैं। राजधानी दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल 101.81 रुपये प्रति लीटर तो राजस्थान के गंगानगर में 117.83 रुपये प्रति लीटर है। भारत में पेट्रोल-डीजल की इतनी ऊंची कीमतों के बाद भी पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान में पेट्रोल कीमतें बहुत कम हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि पड़ोसी देश अफगानिस्तान में आज पेट्रोल 66.99 रुपये, पाकिस्तान में 62.38 रुपये, श्रीलंका में 72.96 रुपये और बांग्लादेश में 78.53 रुपये है। यह स्थिति तब है कि जबकि इनमें से ज्यादातर देश भारत से ही पेट्रोल खरीदते हैं। सवाल है कि हमसे पेट्रोल-डीजल खरीदकर भी हमारे पड़ोसी देश अपनी जनता को सस्ता पेट्रोल कैसे उपलब्ध करा रहे हैं?
तेल कीमतों के ऊंचे होने का सबसे बड़ा कारण इन पर लगने वाला भारी टैक्स है। यदि दिल्ली में आप 100 रुपये का पेट्रोल खरीदते हैं तो इसमें टैक्स का हिस्सा 45.3 रुपये होता है। इसमें 29 रुपये सेंट्रल टैक्स और 16.3 रुपये राज्य सरकार का टैक्स शामिल है। इसी तरह महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, मध्यप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में पेट्रोल की आधे से अधिक कीमत टैक्स के रूप में होती है। पेट्रोलियम उत्पादों पर सबसे कम टैक्स वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान निकोबार, लक्ष्यद्वीप, पुडुचेरी, मेघालय और मिजोरम हैं। उत्तर प्रदेश में 100 रुपये के पेट्रोल में टैक्स का हिस्सा 45.2 रुपये और बिहार में 50 रुपये होता है।
भारत में भारी टैक्स के कारण पेट्रोल-डीजल काफी महंगा हो जाता है, जबकि जब यही पेट्रोल-डीजल दूसरे देशों को बेचा जाता है तो इसमें केंद्र-राज्यों का टैक्स शामिल नहीं होता। उन्हें क्रूड ऑयल, उनकी रिफाइनिंग और परिवहन जैसी लागत को जोड़ने के बाद एक सामान्य लाभ लेते हुए बेचा जाता है। इसके बाद जब पेट्रो उत्पाद विदेशों में पहुंचते हैं तो वह देश उन पर कितना टैक्स लगाता है, या नहीं लगाता है, यह उसकी अपनी नीति पर निर्भर करता है। नेपाल और भूटान जैसे देशों में टैक्स बहुत कम लिया जाता है। कुछ अन्य देशों में भी काफी कम टैक्स लिया जाता है। इस कारण इन देशों में भारत से ही गया पेट्रोल सस्ता उपलब्ध कराया जाता है।
पेट्रोल उत्पादों पर भारी टैक्स वसूलने पर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है। भारत में भारी टैक्स अवश्य वसूला जाता है, लेकिन इसके साथ ही भारत सरकार पाकिस्तान की कुल आबादी से लगभग चार गुना लोगों को हर माह मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। लगभग पूरी आबादी को कोरोना टीका मुफ्त लगाया जा चुका है तो सड़क निर्माण, अस्पताल-एयरपोर्ट के निर्माण में भारत पड़ोसी देशों से बहुत ज्यादा आगे है। इन पर लगने वाला भारी खर्च इसी टैक्स से ही वसूला जाता है। जिन पड़ोसी देशों में सस्ता ईंधन मिलता है, वहां इन क्षेत्रों में विकास की दर बहुत कम है।