एलियंस से जुड़ी कई कहानियां हैं। कोई इन्हें सच मानता है, तो कोई मात्र अफवाह। फिलहाल, पेरू के एक गांव के लोगों ने हैरान करने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि सात फुट लंबे एलियंस ने उन पर हमला किया। इसके अलावा, यहां के नेताओं का कहना है कि जीवों पर गोलियों का कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था क्योंकि वह बख्तरबंद थे।
एलियंस को लेकर चर्चा-परिचर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोगों ने इनकी तुलना स्थानीय अंधविश्वासियों से भी की। हालांकि, पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि अवैध सोने के खनन से जुड़े अपराध के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि एलियंस संभवतः ब्राजील के 'ओ प्राइमिरो कोमांडो द कैपिटल', कोलंबिया के 'क्लैन डेल गोल्फो', एफएआरसी जैसे ड्रग कार्टेल से जुड़े माफिया थे। जांच कर रहे पेरू के राष्ट्रीय अभियोजक कार्यालय ने कहा कि हमलों के लिए सोने से जुड़े 'माफिया' जिम्मेदार थे।
डर फैलाने की कोशिश
अभियोजकों ने कहा कि सोने से जुड़े माफिया पेरू में आतंक फैलाकर डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इनका उद्देश्य स्थानीय लोगों को उनके घरों में बंद रखना और अवैध सोने वाली जगह से दूर रखना है। आगे बताया कि अवैध खनन करने वाली माफिया ने सबसे पहले जेटपैक का इस्तेमाल पेरू में नानाय नदी के आसपास के जंगल में सोना ढूंढने के लिए किया था।
सोने की तलाश में अपराधी
उन्होंने बताया कि जेटपैक का इस्तेमाल सबसे पहले इन अवैध खनन कार्टेलों द्वारा पेरू में नानाय नदी के आसपास के जंगल में गहराई में सोने की संभावनाएं तलाशने के लिए किया गया था।
जुलाई से एलियंस का आना शुरू
अल्टो नाने के इकितु सदस्यों का कहना है कि गांव में एलियंस का आना 11 जुलाई से शुरू हुआ था। वहीं, अब स्थानीय लोगों ने गहरे हरे रंग के हुड में दिखाई देने वाले 7 फुट लंबे रहस्यमय प्राणी द्वारा हमला किए जाने की शिकायत की। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस क्षेत्र में अमेजन में बहने वाली नानाय नदी की सहायक नदियों के तल पर सोना जमा हुआ है।
गवाहों का कहना
इकितु नेता जाइरो रेतेगुई एविला ने बताया कि हमला करने वाला कोई व्यक्ति नहीं बल्कि एलियन हैं। उसे दो बार गोली मारी, लेकिन वह गिरा नहीं बल्कि गायब हो गया। उन्होंने कहा कि गांव में जो हो रहा है उससे सभी लोग डरे हुए हैं। वहीं, एक और गवाह का कहना है कि एक स्कूल शिक्षक ने जमीन से अजीब प्राणियों को उड़ते हुए देखा। मामले की जांच कर रहे अभियोजक कार्लोस कास्त्रो क्विंटानिला ने कहा कि हमलावर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और कुछ नहीं।