अन्य शोध भी बताते हैं कि लंबे समय तक कोविड संक्रमण से उबरने वाले कई तरह की समस्याओं के शिकार हो जाते हैं, तंत्रिका तंत्र पर प्रतिकूल असर होना भी शामिल है। इसमें गड़बड़ी से हृदय गति, रक्तचाप, श्वसन और पाचन आदि पर गहरा असर पड़ता है।
लंबा कोविड संक्रमण झेलने वाले लोगों को बाद में कई तरह की समस्याएं होने की बात सामने आती रही है लेकिन अब लैंसेट में प्रकाशित एक ताजा शोध में बताया गया है कि इसकी वजह से पैरों में खून जमा होने की समस्या भी हो सकती है।
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इस शोध में बकायदा एक केस का हवाला दिया गया है जिसमें 33 वर्षीय एक मरीज के लिए एक मिनट भी खड़ा रहना मुश्किल हो गया है। शोध में बताया गया है कि एक मिनट खड़े रहने पर ही इस व्यक्ति के पैरों का रंग नीला पड़ने लगता है। अगर वह 10 मिनट खड़ा रह जाए तो शरीर का अधिकांश खून पैर की नसों में जमा हो जाता है। पैरों में खून जमा होने की इस बीमारी को एक्रोसायनोसिस कहा जाता है।
असामान्य रूप से बढ़ जाती है हृदय गति
शोध में बताया गया है कि उक्त रोगी को पोस्टुरल ऑर्थोस्टैटिक टैचीकार्डिया सिंड्रोम (पीओटीएस) से पीड़ित पाया गया। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसके कारण खड़े होने पर हृदय गति असामान्य रूप से बढ़ जाती है। अन्य शोध भी बताते हैं कि लंबे समय तक कोविड संक्रमण से उबरने वाले कई तरह की समस्याओं के शिकार हो जाते हैं, तंत्रिका तंत्र पर प्रतिकूल असर होना भी शामिल है। इसमें गड़बड़ी से हृदय गति, रक्तचाप, श्वसन और पाचन आदि पर गहरा असर पड़ता है।