दरअसल, पुरुलिया जिले के झालदा कस्बे के ब्लाक-1 में साहूकार 30 हजार रुपये के बदले दिहाड़ी मजदूरों के राशन कार्ड अपने पास गिरवी रख रहे थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही कार्रवाई की गई और सभी राशन कार्ड उनके असली मालिकों को लौटा दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि साहूकारों के पास 20 से अधिक परिवारों के राशन कार्ड मिले। झालदा के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) राजकुमार बिस्वास ने कहा, साहूकार और राशन कार्ड गिरवी रखने वाले दिहाड़ी मजदूर, दोनों ने ही कानून का उल्लंघन किया है। राशन कार्ड सरकारी संपत्ति है और सरकारी संपत्ति को गिरवी रखना गैरकानूनी है।
उन्होंने बताया, हमें जैसे ही इसका पता चला, हमने कार्रवाई की और साहूकारों से कार्ड लेकर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं, ताकि वह राशन ले सकें। बिस्वास ने कहा कि साहूकारों से लिखित में बयान लिया है कि वे दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेंगे।