मणिपुर में जारी हिंसा के कारण बुधवार को कुकी समुदाय के लोगों ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में सेव कुकी लिव्स (कुकियों का जीवन बचाओ) लिखी हुई तख्तियां ले रखी थीं। आवास के बाहर कुकी समुदाय के लोगों ने काफी नारेबाजी भी की।
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर भेज दिया था
एक दिन भी पहले हुआ था संघर्ष
एक दिन पहले छह जून की रात सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच गोलीबारी हो गई थी। सुगनू इलाके में हुई गोलीबारी में एक बीएसएफ जवान की जान चली गई थी। इसके अलावा असम राइफल्स के दो जवानों को भी गोलियां लगी थी। भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने बताया कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी का बेहतर जवाब दिया है। असम राइफल्स के जवानों को इलाज के लिए मंत्रीपखुरी भेजा गया है। इलाके में बाकी टीम फायरिंग में शामिल आरोपियों की सर्चिंग कर रही है।
कई दिनों से हो रही है हिंसा
छह महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट
हिंसा की जांच के लिए केंद्र सरकार ने एक तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। दल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हिमांशु शेखर दास और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी प्रभाकर अलोका शामिल है। गुवाहाटी हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस अजय लांबा जांच दल का नेतृत्व करेंगे। केंद्र ने दल की पहली बैठक के बाद अधिकतम छह माह में जांच रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, हिंसा के कारण और कैसे हिंसा पूरे राज्य में फैली इसकी जानकारी जांच रिपोर्ट में शामिल करने के लिए कहा है।