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देश में काले धन का सबसे बड़ा ऐलान, 65,250 करोड़ के काले धन का हुआ खुलासा

Sun, 02 Oct 2016 05:37 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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वित्तमंत्री अरुण जेटली जालंधर में एक कार्यक्रम के दौरान - फोटो : फाइल फोटो
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सरकार की आय घोषणा स्कीम के तहत देश के 64,275 लोगों और फर्मों ने 65,250 करोड़ रुपये के काले धन का खुलासा किया है। इससे सरकार को टैक्स और जुर्माने के तौर पर 29,362 करोड़ रुपये हासिल होंगे। औसत खुलासा एक करोड़ रुपये का है। देश में काले धन की अब तक यह सबसे बड़ी घोषणा है।
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में आय घोषणा स्कीम (आईडीएस) के तहत घोषित काले धन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अनुमानित आंकड़ा है। 30 सितंबर को खत्म हुई योजना के बाद जब अंतिम तौर पर ऑनलाइन रिटर्न और मैनुअल फाइलिंग का हिसाब होगा तो यह रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है।

आईडीएस के तहत घोषित रकम का खुलासा करते करते हुए जेटली ने कहा कि इस मामले में पूरी गोपनीयता बरती जाएगी। हम ब्लैकमनी की घोषणा करने वालों के नाम उजागर नहीं करेंगे। इस मद में हासिल टैक्स और जुर्माने की रकम भारत की समेकित निधि में जाएगी और यह लोगों के कल्याण पर खर्च होगी। 
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बहरहाल, अब तक की फाइलिंग से इस वित्त वर्ष में सरकार को टैक्स के तौर पर 14,700 करोड़ रुपये मिलेंगे। सरकार ने काला धन रखने वालों को अपनी संपत्ति के खुलासे के लिए वन टाइम चांस दिया था। जिन लोगों ने अपने काले धन का खुलासा किया है, उन्हें रकम का 45 फीसदी टैक्स और जुर्माने के तौर पर चुकाना पड़ा है। कुल मिलाकर अब तक सरकार को इस मद में 29362 करोड़ रुपये हासिल होने वाले हैं। आधी रकम यानी 14,681.25 करोड़ रुपये इसी वित्त वर्ष में मिलेंगे।  वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग की ओर से छापे-सर्च-ऑपरेशन के दौरान 56378 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। 

पिछले साल विदेश में जमा काले धन की घोषणा से जुड़ी स्कीम के तहत 644 लोगों ने अनाम विदेशी जगहों पर जमा धन का खुलासा किया था। सरकार को इससे टैक्स के तौर पर 2,428 करोड़ रुपये मिले थे।  वर्ष 1997 में तत्कालीन पी. चिदंबरम ने स्वैच्छिक आय घोषणा स्कीम यानी वीडीआईएस लांच की थी और इससे सरकार को टैक्स के तौर पर 9,760 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। जेटली ने कहा कि वीडीआईएस और आईडीएस की तुलना नहीं हो सकती क्योंकि दोनों स्कीमें अलग हैं। आईडीएस माफी योजना नहीं है। जबकि वीडीआईएस माफी योजना थी। आईडीएस के तहत 45 फीसदी टैक्स लगाया गया। जबकि वीडीआईएस में एक अंक की दर से टैक्स लगाया गया था।
 
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फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों के पास थी करोड़ों की ब्लैकमनी 

- फोटो : PTI
आईडीएस के तहत ऐसे-ऐसे लोगों ने करोड़ों के काले धन की घोषणा की है सुन कर दंग रह जाएंगे। मुंबई के फुटपाथ पर खाना बेचने वाले एक वेंडर ने 50 करोड़ रुपये के काले धन का खुलासा किया है। घाटकोपर में एक जूस बेचने वाले ने 5 करोड़ रुपये की नकदी और जमीन के दस्तावेजों की जानकारी दी। कुछ वेंडरों ने 25 लाख से लेकर 2 करोड़ रुपये तक काला धन घोषित किया है। फुटपाथ वेंडरों को टैक्स के तौर पर 22.5 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। 
 
58,000 करोड़ की ब्लैकमनी 
जेटली ने बताया कि एचएसबीसी और बाहर के देशों में कुल 58,378 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी का पता चला है। कुल 1986 करोड़ रुपये कैश बरामद किए गए हैं। एचएसबीसी के मामले में 8000 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी का असेसमेंट हो चुका है। गौरतलब है कि खोजी पत्रकारों के एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम ने कहा है कि एचएसबीसी ने अपने ग्राहकों को हजारों करोड़ की टैक्स चोरी में मदद की है।

खास बातें 
65,250 करोड़ रुपये का काला धन घोषित 
64,275 लोगों और फर्मों ने किया खुलासा 
घोषित काले धन पर 45 फीसदी टैक्स 
एचएसबीसी और बाहर के देशों में 58000 करोड़ का काला धन
घोषित काले धन से सरकार के खाते में आएंगे  29362 करोड़
यह देश की जीडीपी की 0.2 फीसदी रकम 
एचएसबीसी की सूची में 8000 करोड़ का असेसमेंट पूरा  
घोषित धन भारत की समेकित निधि में जमा होगा
इससे लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाएंगी
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