फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक से जंग के लिए सेना को बड़ी तैयारी की दरकार नहीं

Sun, 02 Oct 2016 04:34 AM IST
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
विज्ञापन
पाकिस्तान के साथ जंग की तैयारी के लिए 2001 के ऑपरेशन पराक्रम की तरह अब सीमा की तरफ कूच कर रहे मिसाइलों, टैंकों और फौजियों के काफिले का नजारा देखने को नहीं मिलेगा। करीब एक दशक पहले अपनाए गए कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत के तहत पाकिस्तान की सीमा पर ब्रह्मोस व पिनाक जैसे घातक मारक क्षमता वाली मिसाइलें पहले से तैनात हैं। 
विज्ञापन


टैंकों, तोपों और मिसाइल रोधी तकनीक वाले हथियारों का जखीरा रेडी टु स्ट्राइक अवस्था में है। साथ ही पाक सीमा से 150 किलोमीटर के दायरे में वायुसेना के अड्डों पर हथियारों से लैस लड़ाकू विमानों के दर्जन से भी अधिक स्क्वाड्रन किसी भी वक्त हमले को तैयार खड़े हैं।

सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह इसी तैयारी का जायजा लेने उत्तरी कमान के मुख्यालय उधमपुर गए हैं। इसके बाद वह पश्चिमी कमान के मुख्यालय चंडीगढ़ जाएंगे। वायु सेना प्रमुख अरुप राहा भी जल्द ही वायुसेना की तैयारियों का जायजा लेने मुख्य ठिकानों पर जाने वाले हैं।
विज्ञापन


पूर्व महानिदेशक मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि भारत के कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत का पाकिस्तानी फौज में खासा खौफ है। इसके तहत पाकिस्तान की ओर से किसी भी दुस्साहस का जवाब हम बिना समय गंवाए दे सकते हैं। भाटिया के मुताबिक, यह सिद्धांत हमले के लिए नहीं, बल्कि पाकिस्तान की शैतानियों से बचाव के लिए है। 
विज्ञापन

दुश्मनों के इलाके में घुस कर तबाह कर सकते हैं

- फोटो : demo Pic
इस तैयारी का एक पक्ष यह भी है कि हम कम समय में दुश्मनों के इलाके में घुस कर उसे तबाह कर सकते हैं। इसके लिए हमें आडंबरपूर्ण तैयारी की जरूरत नहीं पड़ेगी। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, भारतीय फौज हर वक्त तैयार है। लेफ्टिनेंट जनरल भाटिया फिलहाल रक्षा मंत्रालय के बरदहस्त वाले थिंक टैंक सेंटर फॉर ज्वाइंट वॉरफेयर स्टडीज के निदेशक हैं।

भारतीय फौज की तैयारी पर सेना के उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि पाक फौज अपनी अफगानिस्तान सीमा और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में लगी हुई है। उसे भारत के साथ जंग के लिए बड़ी तैयारी करनी होगी जो पूरी दुनिया को दिखेगी। यही वह मौका होगा जब भारत कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत के तहत कार्रवाई करेगा। 

अधिकारी के मुताबिक भारत का पलड़ा इसलिए भारी है कि यहां हम तैयार बैठे हैं जबकि पाकिस्तान को जंग के लिए बड़ी तैयारी करनी होगी। खास बात यह है कि उसकी तैयारी शुरू होते ही भारत कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है। यही वजह है कि भारत पाकिस्तान के नाभकीय हमले की धमकियों से नहीं डरता।

गौरतलब है कि संसद पर हमले के बाद दिसंबर 2001 में शुरू हुए ऑपरेशन पराक्रम की तैयारी में करीब दो महीने लग गए थे। इस बीच पाकिस्तान ने भी अपनी तैयारी पुख्ता कर ली थी। अधिकारी ने बताया कि इसी से सबक लेते हुए कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत अपनाया गया जो मूलभूत तौर पर पाकिस्तान के नाभकीय दुस्साहस के निबटने के लिए है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें