पात्रा चॉल घोटाले में आरोपों का सामना कर रहे शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर पहुंची। यहां उनसे सवाल-जवाब किए गए। ईडी ने उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले ईडी ने उन्हें शुक्रवार को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया था।
सूत्रों का कहना है कि ईडी ने दीवान बिल्डर्स के बांद्रा दफ्तर और दूसरा बांद्रा में ही नेशनल हेराल्ड केस में छापा मारा। ईडी अधिकारी पता लगाने में जुटे हैं कि संजय राउत और उनकी पत्नी वर्षा राउत के बैंक खाते में पैसे कैसे ट्रांसफर किए गए। आरोप है कि प्रवीण राउत ने संजय राउत और उनके रिश्तेदारों के खाते में 1.6 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।
1039.79 करोड़ का है पात्रा चॉल घोटाला
मुंबई पश्चिमी उपगनर के गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ नगर के पात्रा चॉल के 47 एकड़ जमीन पर 672 परिवारों के घरों के पुनर्विकास के लिए साल 2007 में सोसायटी द्वारा महाराष्ट्र हाउसिंग डेवलपमेंड अथॉरिटी (म्हाडा) और गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच करार हुआ था। इस करार के तहत कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर म्हाडा को देने थे। उसके बाद बची हुई जमीन प्राइवेट डेवलपर्स को बेचनी थी। डीएचआईएल के राकेश वधावन, सारंग वधावन, प्रवीण राउत और गुरू आशीष इस कंपनी के निदेशक थे। आरोप है कि कंपनी ने म्हाडा को गुमराह कर पात्रा चॉल की एफएसआई 9 अलग-अलग बिल्डरों को बेच कर 901 करोड़ रुपये जमा किए। उसके बाद मिडोज नामक एक नया प्रोजेक्ट शुरू कर फ्लैट बुकिंग के नाम पर 138 करोड़ रुपये वसूले गए। लेकिन 672 लोगों को उनका मकान नहीं दिया गया। इस तरह पात्रा चॉल घोटाले में 1039.79 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। उसके बाद 2018 में म्हाडा ने गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया।