अधिकारियों ने बताया कि 400 किलोवॉट (केवी) तालेगांव-खारघर लाइन के ट्रिपिंग के बाद मुंबई के भांडुप व मुलुंड, पड़ोसी ठाणे शहर और नवी मुंबई के कुछ हिस्सों में लोगों को बिजली की कटौती का सामना करना पड़ा।
मुंबई महानगर के कई हिस्सों में गुरुवार की दोपहर तीन घंटे से अधिक समय तक बिजली चली गई। दरअसल, ट्रांसमिशन लाइन के ट्रिपिंग के बाद पावर ग्रिड को पूरी तरह से ढहने से बचाने के लिए लोड शेडिंग की गई, जिसके चलते बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी।
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अधिकारियों ने बताया कि 400 किलोवॉट (केवी) तालेगांव-खारघर लाइन के ट्रिपिंग के बाद मुंबई के भांडुप व मुलुंड, पड़ोसी ठाणे शहर और नवी मुंबई के कुछ हिस्सों में लोगों को बिजली की कटौती का सामना करना पड़ा। यह महानगरीय क्षेत्र और मुंबई दोनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिजली आपूर्ति की लाइनों में से एक है।
महाराष्ट्र राज्य ट्रांसमिशन कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, दोपहर की 1 बजकर 55 मिनट पर लाइन के नीचे आग लगी। दोपहर 2 बजकर 44 मिनट पर एक परीक्षण किया गया, लेकिन लाइन फिर से टूट गई, जिससे व्यापक नुकसान की आशंका पैदा हो गई क्योंकि दोपहर की गर्मी के बीच मुंबई में उर्जा की मांग रिकॉर्ड उच्च स्तर पर थी। दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर मुंबई में बिजली की मांग 3,600 मेगावॉट थी और यह लगातार बढ़ रही है।
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बयान में कहा गया है कि राज्य लोड डिस्पैच सेंटर ने ग्रिड को बनाए रखने के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र में मैनुअल लोड शेडिंग की और टाटा पावर कंपनी को अतिरिक्त बिजली के साथ कदम उठाने के लिए कहा। वहीं, टाटा पावर कंपनी ने कहा कि उसने शहर की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने उपलब्ध थर्मल और हाइड्रो-पावर उत्पादन का उपयोग किया और मुंबई में संभावित लोड शेडिंग को रोकने में मदद की। मुंबई में बुधवार को 3,893 मेगावाट की सर्वकालिक उच्च मांग दर्ज की गई।
महाट्रांस्को के बयान में कहा गया है कि आग लगने के कारण लाइन को बाधित कर दिया गया था और शाम 4 बजकर 15 मिनट पर ट्रांसमिशन लाइन को सेवा में ले लिया गया, जिससे उपभोक्ताओं के लिए बिजली बहाल हो गई।