हैदराबाद में पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या और उन्नाव में एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की कोशिश के मामलों में भले ही संसद में कई दलों के नेताओं ने घंटों बहस की हो, मगर हकीकत यह है कि इसी साल हुए लोकसभा चुनाव के वक्त सबका रवैया एक जैसा ही रहा था। कई दलों ने 88 ऐसे उम्मीदवार उतारे, जिन पर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे थे।
बीते पांच वर्षों में 29 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव हुए। कुल 40,690 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 443 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले थे। ऐसे सबसे ज्यादा 49 प्रत्याशी भाजपा के थे। कांग्रेस के ऐसे 41 प्रत्याशी थे। इन 443 उम्मीदवारों में से 63 विधायक बने। इनमें भाजपा के 13 और कांग्रेस के 14 विधायक हैं।