केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी
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केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने बुधवार को आरोप लगाया कि विपक्ष की मांग पर आज लोकसभा व राज्यसभा में महंगाई व ओमिक्रॉन वैरिएंट पर चर्चा कराई गई, लेकिन वह भाग निकला। उन्होंने सवाल किया कि जब उन्हें चर्चा में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो मांग क्यों करते हैं?
लखीमपुर खीरी केस को लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग पर प्रहलाद जोशी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट केस की निगरानी कर रहा है। सरकार मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है। विपक्ष और क्या चाहता है? यह मामला अदालत के अधीन है।
जोशी ने कहा कि विपक्ष के पास महंगाई या ओमिक्रॉन को लेकर चर्चा के लिए कुछ नहीं है। इसलिए वह सदन से भाग खड़ा हुआ। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। मैं विपक्षी सदस्यों से उनसे आग्रह करता हूं कि वे गुरुवार को चर्चा में शामिल हों। हम 23 दिसंबर की शाम 6 बजे तक चर्चा के लिए तैयार हैं। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा सरकार का मौजूदा शीत सत्र में कटौती का कोई इरादा नहीं है।
राहुल अब कम से कम नोटिस तो देने लगे
राहुल गांधी द्वारा स्थगन प्रस्ताव पेश करने पर जोशी ने कहा कि इससे पहले उन्होंने कभी नोटिस नहीं दिया। कम से कम वह अब नोटिस तो देने लगे। हम जानते हैं कि कांग्रेस 26/11 हमले से कैसे निपटी थी। तब पी. चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे। जोशी ने कहा कि आज आतंकवाद से भाजपा कितने अच्छे से निपट रही है।
उत्तराखंड के लोगों से आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा किए जा रहे वादों को लेकर जोशी ने कहा कि पहले उन्होंने दिल्ली में क्या किया यह तो रिपोर्ट दे दें, इसके बाद उत्तराखंड के लोगों से झूठे वादे करें। उन्होंने कहा कि हम वहां 37 सीटों के साथ बहुमत हासिल करेंगे।