नड्डा और डेरेक ओ ब्रायन में हुई बहस
केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने मंगलवार को स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए रंग ब्रांडिंग दिशानिर्देशों और पश्चिम बंगाल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधि जारी करने को लेकर राज्यसभा में जानकारी दी। इस दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन के साथ हल्की-फुल्की बहस भी देखी गई।
दरअसल, राज्यसभा में सांसद साकेत गोखले ने पूरक प्रश्न में इन अस्पतालों को लेकर विशेष कलर स्कीम का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि राज्य को तय मानकों का पालन करना होगा।
इस पर, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने कहा कि यदि आप दिशानिर्देशों का पालन करते हैं तो हां। यदि आप दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो नहीं। । इस पर डेरेक ने हस्तक्षेप किया और कहा कि वह कहना चाहते हैं कि राज्य में तय रंग का प्रयोग न करने के कारण उन्हें योजना के तहत लाभ नहीं मिलेगा उचित नहीं है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के 830 करोड़ रुपया अभी बकाया है। रंग योजना को लेकर सरकार को संवेदनशील होने के कारण नागरिकों को स्वास्थ सेवा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को इस ओर सहानुभूति से विचार करना चाहिए। राज्य के लिए धन को स्वीकृति प्रदान करनी चाहिए। इस पर नड्डा ने ओ'ब्रायन को जवाब देते हुए कहा कि पहला प्रश्न काले और सफेद रंग में था इसलिए उत्तर भी काले और सफेद में था। अब सवाल मेरे प्रिय मित्र डेरेक ओ'ब्रायन की ओर से आया है और उनके बाल भूरे हैं। तो उत्तर होगा वह भी भूरे रंग में है जिसमें कुछ सकारात्मकता भी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले नवंबर में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए रंग ब्रांडिंग की शर्तों को हटाने और बंगाल को एनएचएम फंड जारी करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मुआवजा तीन गुना से अधिक बढ़कर 140 करोड़
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने ग्राहकों की ओर से रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी या ई-धोखाधड़ी के खिलाफ मुआवजे में तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की है। सरकार ने संसद को सूचित किया कि 2023-24 में यह बढ़कर 140 करोड़ रुपये हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में इन बैंकों की ओर से भुगतान की गई मुआवजे की राशि 42.70 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024 के दौरान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सबसे अधिक 74.96 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया, उसके बाद बैंक ऑफ इंडिया ने 20.38 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक ने 16.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
चीन से 18.65 लाख टन यूरिया के साथ 22.58 लाख टन उर्वरकों का आयात
भारत ने 2023-24 के दौरान चीन से 18.65 लाख टन यूरिया और 22.58 लाख टन फॉस्फेटिक और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों का आयात किया। सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में, रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा, उर्वरक विभाग के माध्यम से भारत सरकार उत्पादन और अनुमानित मांग के बीच अंतर को पाटने के लिए सरकारी खाते पर यूरिया (कृषि उद्देश्य) का आयात करती है। आंकड़ों के अनुसार, देश ने 2023-24 में 2.6 अरब अमेरिकी डॉलर में 70.42 लाख टन यूरिया का आयात किया। इसमें से भारत ने चीन से 73 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य का 18.65 लाख टन यूरिया आयात किया।