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Parliament Security Breach: 'सपनों के लिए संघर्ष...', संसद पर हमले के आरोपियों की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल

Thu, 14 Dec 2023 10:24 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नीलम ने सवाल उठाया कि जब हरियाणा में ग्राम पंचायत में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण है तो फिर संसद और विधानसभाओं में क्यों नहीं है?
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संसद में घुसपैठ के आरोपी सागर शर्मा और नीलम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बुधवार को संसद में घुसपैठ करने वाले आरोपी उग्र विचारों से प्रभावित है और हमले से पहले की गई सोशल मीडिया पोस्ट से इसके संकेत भी मिलते हैं। संसद में घुसपैठ करने वाले एक आरोपी सागर शर्मा ने सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में लिखा था कि 'जीते या हारे पर कोशिश तो जरूरी है। अब देखना ये है सफर कितना हसीन होगा। उम्मीद है फिर मिलेंगे।'
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संसद में घुसपैठ के आरोपियों की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल
हमले से कुछ समय पहले ही किए गए एक अन्य पोस्ट में सागर शर्मा ने लिखा था कि 'याद रखना दुनिया में अगर खूबसूरत कुछ है तो वह सपना है। जो दिन रात याद दिलाता है हमें किस लिए जीना है। बिना सपनों के जीना जीवन को व्यर्थ करना है और उससे भी ज्यादा व्यर्थ है सपनों के लिए संघर्ष न करना।' बता दें कि साल 2001 में संसद पर हुए हमले आतंकी हमले की बरसी पर बुधवार को कुछ लोगों ने संसद की सुरक्षा को धता बताते हुए संसद में घुसपैठ की। 


 

सागर शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट - फोटो : सोशल मीडिया
आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी. पब्लिक गैलरी से लोकसभा में दाखिल हुए थे। उस दौरान लोकसभा में शून्य काल चल रहा था। इस दौरान आरोपियों ने अपने साथ लाई कैन से पीली गैस रिलीज की, जिससे संसद में अफरा-तफरी मच गई। वहीं दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम ने संसद भवन के बाहर भी ऐसा ही किया। इस दौरान दोनों  ने तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। नीलम ने बीती 10 नवंबर को किए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में महिलाओं को संसद में 50 फीसदी आरक्षण देने की मांग की थी। नीलम ने सवाल उठाया कि जब हरियाणा में ग्राम पंचायत में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण है तो फिर संसद और विधानसभाओं में क्यों नहीं है?
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आरोपियों की सोशल मीडिया पोस्ट - फोटो : सोशल मीडिया
नीलम ने जून में दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा उसे घसीटे जाने की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। इस पोस्ट के साथ नीलम ने लिखा था कि 'जो अन्याय सहता है, वह अन्याय करने वाले से ज्यादा दोषी है। शोषण के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और उनके खिलाफ लड़ें जो महिलाओं का शोषण कर रहे हैं।' आरोपियों ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की तस्वीरें भी साझा की हैं। 

कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले एक अन्य आरोपी मनोरंजन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वह क्रांतिकारी किताबें पढ़ रहा था और पुलिस ने उसके घर से अपराध से जुड़ी किताबें भी बरामद की हैं। 

 
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