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ऑक्सीजन की कमी से मौत: केंद्र सरकार ने फिर राज्यों के पाले में डाली गेंद, मांगे आंकड़े

Tue, 27 Jul 2021 06:29 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद शुरू होने से पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने दूसरे हफ्ते भी संसद की कार्यवाही बाधित होने को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
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पीएम मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद अब केंद्र सरकार ने एक बार फिर राज्यों के पाले में गेंद डाल दी है। सड़क से संसद तक विपक्षी दलों की ओर से लगातार इस मामले में घेरे जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से आंकड़े मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि 13 अगस्त को मानसून सत्र समाप्त होने से पहले आंकड़ों को संसद में पेश किया जा सकता है।

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दरअसल पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है, जिसके बाद विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए थे। विपक्ष ने सरकार पर आंकड़े छुपाने का आरोप लगाया था। 

सूत्रों का कहना है कि राज्यों से आंकड़े आने के बाद संसद के चालू सत्र में ही इसे 13 अगस्त को संसद में पेश किया जा सकता है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया था कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोरोना से होने वाली मौतों की जानकारी नियमित आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देते हैं। लेकिन किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौत को लेकर जानकारी नहीं दी है।
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हालांकि सरकार ने संसद में यह जरूर माना कि पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गई थी। पहली लहर में जहां 3,095 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग थी, तो दूसरी लहर में यही मांग 9,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गई थी।

बीते पांच साल में सुरक्षा बलों के 355 जवान शहीद हुए: केंद्र सरकार
सरकार ने संसद में मंगलवार को बताया कि बीते पांच साल में सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स और असम राइफल्स के 355 जवान शहीद हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के 209 जवान शामिल हैं। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी है। इनमें सीमा सुरक्षा बल के 78 जवान, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस के 16, शस्त्र सीमा बल के आठ, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सात और असम राइफल्स के 37 जवान शामिल हैं।

2021 की जनगणना के लिए क्षेत्रीय गतिविधियों पर लगाई गई रोक
गृह राज्यमंत्री राय ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में 2021 की जनगणना से संबंधित क्षेत्रीय गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है। राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत 2021 की जनगणना दो चरणों में की जानी थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इससे संबंधित क्षेत्रीय गतिविधियों को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

विपक्ष के हंगामे के चलते छह बार स्थगित हुई लोकसभा की कार्यवाही
पेगासस जासूसी विवाद और कृषि कानूनों को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के चलते मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही छह बार स्थगित हुई। 11 बजे कार्यवाही की शुरुआत होते ही विपक्षी दल नारेबाजी और हंगामा करने लगे थे। दोपहर तीन बजे सदन की कार्यवाही को छठी बार स्थगित किया गया।

सात विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मांगा मिलने का समय
कांग्रेस के अलावा सात विपक्षी दलों ने भारतीय संविधान और संसद के नियमों व प्रक्रियाओं की गरिमा की रक्षा के लिए दखल देने की मांग करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने का समय मांगा है। सातों दलों की योजना राष्ट्रपति के सामने पेगासस मुद्दे के बारे में जानकारी देना और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करने की है। वह उनसे अनुरोध करेंगे कि सरकार को निर्देश दिया जाए कि चल रहे संसद सत्र में इन दोनों मुद्दों पर चर्चा करे।

आईटी पर संसदीय समिति की बैठक का भाजपा सांसदों ने किया विरोध
भाजपा सांसदों ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) पर संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन की ओर से बुलाई गई बैठक का विरोध किया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस समिति के चेयरमैन हैं। भाजपा सांसदों के अनुसार यह विरोध इसलिए किया गया है क्योंकि इस बैठक का आयोजन चल रहे संसद के सत्र के दौरान किया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार भाजपा सांसद इस मामले को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मिलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- 'कांग्रेस न सदन चलने देती है और न चर्चा होने देती'

मंगलवार को संसद शुरू होने से पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक हुई। बैठक में पीएम मोदी ने अपने सांसदों से गांवों में जाकर देश की उपलब्धियां बताने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर 75 गांवों में सांसदों को जाने की अपील की।

इस दौरान पीएम मोदी ने दूसरे हफ्ते संसद की कार्यवाही बाधित होने को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ना सदन चलने देती है और ना चर्चा होने देती है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दिनों वैक्सीनेशन को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी उसमें भी कांग्रेस शामिल नहीं हुई। कांग्रेस बैठकों का लगातार बहिष्कार कर रही है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर मनाया जाने वाला अमृत महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने के लिए जन सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से अपील की कि वे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-दो कार्यकर्ताओं की टोली तैयार करें जो 75 गांवों का दौरा करे और वहां 75 दिन बिताए तथा जनता के बीच डिजिटल साक्षरता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि वे संसद में विपक्षी दलों के रवैये के बारे में जनता को अवगत कराएं और उन्हें बताएं कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है किंतु विपक्षी दल इससे भाग रहे हैं और हंगामा कर रहे हैं। 

बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आजादी का अमृत महोत्सव केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह जन आंदोलन के रूप में होना चाहिए...जन भागीदारी के साथ हमें आगे बढ़ना है।’

मेघवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए कई लोगों ने अपनी कुर्बानी दी, लेकिन हमें जनता को समझाना है कि क्या हम देश के लिए जी सकते हैं। यही भावना लेकर जनता के बीच बढ़ना है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने संसद के दोनों सदनों में अब तक हुए कामकाज का ब्योरा दिया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वह जब जनता के बीच जाएं तो संसद में विपक्षी दलों के रवैये का भी उल्लेख करें।
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जरूरी मुद्दों पर सरकार के खिलाफ एकजुट खड़ा होगा विपक्ष: खरगे

राज्यसभा के अंदर और बाहर पेगासस जासूसी, किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष केंद्र के खिलाफ एकजुट दिखे। विपक्ष के नेता मल्लिाकर्जुन खरगे ने कहा, सरकार कितना भी अड़ियल रवैया अपनाए हम केंद्र के खिलाफ एकजुटता से खड़े होकर जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर संसद में आवाज बुलंद करते रहेंगे।

उच्च सदन में मंगलवार को भी विपक्ष ने पेगासस, कृषि कानून, महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। सदन स्थगित होने पर मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में आनंद शर्मा, डीएमके से तिरुचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस से सुखेंदु, सीपीआई से बिनॉय विश्वम, सीपीएम से इलेमाराम करीम, आरजेडी से मनोज झा, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और समाजवादी पार्टी से राम गोपाल यादव ने बाहर आकर अपनी बात रखी।

खरगे ने कहा, हमने पेगासस उठाया मगर सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है। आखिर सरकार क्या छिपा रही है जो पेगासस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। यह तानाशाही है, हमारे पीएम किसी मुद्दे को लोकतांत्रिक ढंग से सुलझाना ही नहीं चाहते। हम बातचीत के लिए भी तैयार हैं। सभी पार्टी के नेताओं को लेकर आप एक माहौल बनाएं हम मिलकर बात करेंगे।

डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा, विपक्ष देश के लोगों से सीधे जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब चाहता है लेकिन सदन में हमारे पक्ष को ब्लैक आउट किया जा रहा है हमारे माइक बंद कर दिए जा रहे हैं। वहीं सीपीआई सांसद बिनय विश्वम ने कहा, सदन के नियमों की अनदेखी हो रही है।
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