अमित शाह ने जस्टिस एस मुरलीधर के ट्रांसफर पर सफाई देते हुए कहा कि सरकार सिर्फ आदेश जारी करती है। सिफारिशें कॉलेजियम की ओर से होती हैं। इसलिए इसे किसी खास केस के साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए। यह एक नियमित ट्रांसफर था। जज की सहमति भी रिकॉर्ड में दर्ज है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। पूछी गई जानकारियां वैकल्पिक है। किसी को भी एनपीआर से डरने की जरूरत नहीं है। इसमें कोई भी 'डी' (शंका) कैटेगरी नहीं है।'
अमित शाह ने कहा, 'दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने 27 को कहा कि मिलिट्री बुला लीजिए। इसका कोई अर्थ नहीं था क्योंकि तब तक दंगे शांत हो चुके थे। पर उनके इमोशन को मैं समझ सकता हूं क्योंकि उनके पार्षद के घर से ढेर सारी चीजें पकड़ी गई, उनको सस्पेंड करना पड़ा।'
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चेहरे की पहचान करने के लिए सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस और मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। आधार कार्ड के उपयोग की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा, 'किसी की जान चली गई, कोई अपाहिज हो गया, किसी का घर जल गया और क्या निजता की बात करते हो? पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि जिसने दंगा किया, उसे कोर्ट के सामने पेश करे और कठोर से कठोर सजा दी जाए। हमने निजता को कोई भंग नहीं किया है।'
गृह मंत्री ने कहा कि दोषी चाहे किसी भी धर्म, जाति या पार्टी के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट हिंसा से दो दिन पहले शुरू हुए और 25 फरवरी को बंद हो गए। इन अकाउंट का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया गया। उनके आकाओं को लग रहा होगा कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन ये डिजिटल युग है, हम उन्हें ढूंढकर कानून के सामने पेश करेंगे।
सीएए नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने वाला : शाह
दिल्ली हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से विपक्ष को जवाब देना शुरू किया है। उन्होंने कहा, 'मैं मुस्लिम भाई और बहनों से यही कहना चाहता हूं कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर झूठा प्रचार फैलाया जा रहा है। यह कानून किसी की नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने वाला है।'
23 फरवरी दिल्ली के इतिहास का काला दिन : गुजराल
शिरोमणि अकाली दल के सदस्य नरेश गुजराल ने राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर अपनी बात रखी। उन्होंने 23 फरवरी के दिन को दिल्ली के इतिहास का सबसे काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक आग में पूरा शहर जल गया, हथियारबंद उपद्रवियों ने बेकसूर हिंदुओं और मुस्लिमों पर हमला किया। जबकि पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई।
नरेश गुजराल ने कहा कि यह हिंसा मुझे 1984 के दंगों की याद दिलाते हैं, जब कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में भीड़ ने 3 दिनों तक हिंसा की थी। दिल्ली की सड़कों पर करीब 300 बेगुनाह लोग मारे गए थे। सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही सच को सामने ला सकती है।
भड़काऊ भाषण वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई
कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि यह हिंसा एक वायरस की वजह से हुई, जिसका नाम है सांप्रदायिक वायरस। यह वायरस उन लोगों ने फैलाया है, जो भाषण दे रहे हैं। मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि इन भाषण को देने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने कहा, 'यह साफ हो चुका है कि पुलिस उन लोगों की मदद कर रही थी जो हिंसा में शामिल थे। जिसके परिणामस्वरुप निर्दोष लोगों की जानें गईं जिनका दंगों से कोई लेना-देना नहीं था।'
विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच सरकार ने गुरूवार को लोकसभा में महापत्तन प्राधिकरण विधेयक, 2020 पेश किया जिसमें देश में बंदरगाहों के विनियमन, प्रचालन और योजना के लिए तथा महापत्तन प्राधिकरण के बोर्डों में ऐसे बंदरगाहों के प्रशासन, नियंत्रण और प्रबंधन के संबंध में प्रावधान हैं।
केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री मनसुख एल मांडविया ने सदन में विधेयक पेश किया। विधेयक पेश किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के शशि थरूर ने कहा कि विधेयक का मसौदा बहुत कमजोर है और इसे जल्दबाजी में लाया गया है। इसे अध्ययन करके फिर से पेश किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। वह मध्यप्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार हैं।
लोकसभा में कोरोनावायरस पर डॉक्टर हर्षवर्धन ने बयान दिया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मरीजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। 30 एयरपोर्ट पर स्क्रिनिंग की जा रही है। बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। खासतौर से विदेश से आए लोगों पर नजर रखी जा रही है। लापरवाही न हो इसके लिए पूरे इंतजाम हैं। हर राज्य से रिपोर्ट ली जा रही है। देश में अब तक कोरोना के 73 मामले सामने आए हैं। हमारी हेल्पलाइन पर विदेशों से भी कॉल आ रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। सिंह के करीबी सूत्रों ने बताया कि सिंह गुरुवार दोपहर को प्रदेश विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से एक उम्मीदवार के तौर पर सिंह का नाम फाइनल कर दिया है। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। इन सीटों से वर्तमान में दिग्विजय सिंह तथा भाजपा के प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया सांसद हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोरोनावायरस की वजह से अनिश्चितकाल के लिए संसद को स्थगित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिवसेना के सांसदों ने आज शिवाजी जयंती पर संसद परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकसभा में बुधवार को आखिरकार दिल्ली हिंसा पर चर्चा हुई। पिछले हफ्ते इसे लेकर लगातार विपक्ष हंगामा करता रहा। जिसके कार्य सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। बुधवार को भी विपक्ष ने गृह मंत्री शाह के इस्तीफे की मांग की। वहीं दूसरी तरफ शाह ने कहा कि वह दंगाईयों को नहीं बख्शेंगे और पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की।