जम्मू-कश्मीर से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में अलग ही अंदाज में दिखाई दिए। जम्मू-कश्मीर और अनुच्छेद 370 के संबंध में बोले समय उन्होंने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, जब भी दिग्विजय सिंह हंसकर बोलते है, तो समाज में डिस्टरबेंस हो जाता है। शाह के इस टिप्पणी के बाद से ही सत्तारूढ़ के सभी सांसद ठहाके लगाने लगे। अमित शाह ने दिग्विजय सिंह पर चुटकी लेते हुए कहा कि मैं इन्हें अच्छी तरह से जानता हूं, मेरे पास इनका रिकॉर्ड भी है।
दिग्गी बाबू की हंसी मतलब कई मायने- अमित शाह
जम्मू-कश्मीर और अनुच्छेद 370 पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा कि दिग्गी बाबू जब भी हंसकर बोलते है, तो समझो समाज में डिस्टरबेंस होगा। जिसके बाद जमकर सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने ठहाके लगाए। अलग अंदाज में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि इनका रिकॉर्ड भी हमारे पास है। शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि आज जब मैं देख रहा था कि आज भी वह हंसकर बोल रहे थे, मैं सोच रहा था लगता है कुछ कहना चाहते हैं।
अमित शाह ने कहा कि जब मैंने उनसे पूछा तो उनका जवाब सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी का छीनकर थोड़ी ना लोगे। जिसके बाद अमित शाह ने कहा कि दिग्गी बाबू जैसे विपक्षी लोग गुर्जर और बकरवाल को सिर्फ लड़ाना चाहते हैं।
अमित शाह-दिग्विजय सिंह में तीखी बहस
जिसके बाद सत्तारूढ़ दल भाजपा के सांसद और विपक्ष के सांसद हंगामा करने लगे। अमित शाह जब दिग्विजय सिंह पर तंज कस रहे थे, तो अचानक वह आपत्ति दर्ज कराने के लिए खड़े हो गए। इस दौरान तीखे तेवर में अमित शाह ने कहा कि अब आप बैठ जाइए। हालांकि इस दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने मामले की गहमागहमी को देखते हुए दोनों की बहस को रोक दिया।