संसद में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को कई सवालों के लिखित जवाब दिए। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर लैंड पोर्ट के विकास, नशीले पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को लेकर क्या कहा?
सरकार ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए केंद्रीय क्षेत्र की 'आधुनिकीकरण योजना' के तहत आधुनिक हथियार, निगरानी और संचार प्रणाली, बेहतर मोबिलिटी प्लेटफॉर्म, बल सुरक्षा उपकरण, ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि बलों की परिचालन क्षमता मजबूत हो सके।
अंडमान और निकोबार द्वीप के लेकर क्या बताया?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के संबंध में सरकार ने बताया कि सांसद की ओर से उन मूल निवासियों का दोबारा सर्वे कराने और 'आइलैंडर कार्ड' जारी करने का अनुरोध मिला है, जो पहले छूट गए थे। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन इस पर विचार कर रहा है। सरकार ने यह भी साफ किया कि पात्र मूल निवासियों को कार्ड न होने पर भी निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर समुद्री और हेलीकॉप्टर यात्रा किराए में छूट जैसी सुविधाएं मिलती रहती हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर लैंड पोर्ट के विकास को लेकर सरकार ने कहा कि नए लैंड पोर्ट व्यापार और यात्रियों की आवाजाही, पड़ोसी देशों में उपलब्ध समान सुविधाओं तथा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किए जाते हैं।
ड्रग्स तस्करी पर सरकार की कार्रवाई
ड्रग्स तस्करी पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए गृह राज्य मंत्री ने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को बाड़मेर में गुजरात एटीएस , राजस्थान एटीएस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमेंं करीब 4.98 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया। जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान स्थित एक व्यक्ति के संपर्क में थे और अंतरराष्ट्रीय सीमा से खेप लेकर गुजरात पहुंचाने की तैयारी में थे। इस मामले में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और युवाओं में बढ़ते नशे के खतरे से निपटने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के साथ मिलकर खुफिया जानकारी आधारित अभियान और जागरूकता संबंधी एहतियाती कदम लगातार उठा रहा है।
चंडीगढ़ में अधिकारियों की तैनाती को लेकर सरकार ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के लिए 11 आईएएस और 7 आईपीसीएस पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 12 आईएएस और 9 आईपीसीएसअधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें पंजाब और हरियाणा कैडर के अधिकारी भी डेपुटेशन पर तैनात हैं। सरकार ने साफ किया कि फिलहाल AGMUT कैडर या चंडीगढ़ की कैडर संरचना में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।