संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। इस दौरान लोकसभा में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और मौजूदा स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर भारत सरकार का रुख साफ करेंगे।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इस संघर्ष का असर भारत की सियासत पर भी पड़ रहा है। विपक्ष लगातार इस युद्ध में भारत सरकार के रुख को लेकर सवाल पूछ रहा है।
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इसी बीच जानकारी यह सामने आ रही है कि सोमवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन भारत सरकार इस पूरे मामले में अपना रुख साफ करेगी। सूत्रों की माने तो लोकसभा में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर भारत सरकार का रुख साफ करेंगे।
लोकसभा के 9 मार्च के लिए जारी संशोधित कार्यसूची के अनुसार, विदेश मंत्री जयशंकर सदन में पश्चिम एशिया की स्थिति और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर जानकारी देंगे। बता दें कि पश्चिम एशिया में इन दिनों सुरक्षा स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। इसका कारण है कि अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर खूब बमबारी की जा रही है। दूसरी ओर ईरान की ओर से इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी करारा जवाब दिया जा रहा है, जिसके चलते पश्चिम एशिया में तनाव सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
संघर्ष पर भारत सरकार की नजर
हालात पर भारत सरकार ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, खासकर वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर। विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में आंशिक रूप से हवाई क्षेत्र खुलने के बाद अब तक 52 हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने देश लौट चुके हैं। सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाए जाएंगे।